महिला आरक्षण कानून में संशोधन में हो सकती है देरी; समय से पहले संसद सत्र स्थगित होने की संभावना
महिला आरक्षण कानून में संशोधन में हो सकती है देरी; समय से पहले संसद सत्र स्थगित होने की संभावना
नयी दिल्ली, 24 मार्च (भाषा) सरकार द्वारा लोकसभा की सीट को बढ़ाकर 816 करने के लिए तत्काल विधेयक लाने की संभावना नहीं है, क्योंकि संसद का मौजूदा सत्र निर्धारित अवधि से पहले ही स्थगित हो सकता है, लेकिन सत्रावसान नहीं किया जाएगा ताकि अगले महीने होने वाले विधानसभा चुनावों के बाद इसे फिर से बुलाये जाने का विकल्प खुला रहे। सूत्रों ने यह जानकारी दी।
लोकसभा में सीट की संख्या बढ़ाने का उद्देश्य 273 सीट महिलाओं के लिए आरक्षित करना है।
सूत्रों ने संकेत दिया है कि सरकार द्वारा अगले कुछ दिनों में संसद में संविधान संशोधन विधेयक पेश करने की संभावना बहुत कम है, जो नारी शक्ति वंदन अधिनियम, जिसे आमतौर पर महिला आरक्षण कानून के रूप में जाना जाता है, में बदलाव करेगा।
ऐसी जानकारी मिली है कि मंगलवार शाम तक, केंद्रीय मंत्रिमंडल के समक्ष विधेयक का मसौदा पेश करने का कोई प्रस्ताव नहीं था। मंत्रिमंडल की बैठक बुधवार को होनी है।
घटनाक्रम से अवगत एक सूत्र ने बताया, ‘‘महिला आरक्षण कानून में संशोधन के लिए कार्यक्रम तय करने से पहले सभी राजनीतिक दलों के साथ और विचार-विमर्श करने की आवश्यकता है।’’
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को राजग के कुछ घटक दलों तथा कुछ विपक्षी दलों के नेताओं के साथ इस मुद्दे पर चर्चा की थी। लेकिन प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस और एक अन्य प्रमुख दल तृणमूल कांग्रेस के साथ परामर्श किया जाना बाकी है।
बजट सत्र को संक्षिप्त करने की चर्चा के बीच, सूत्रों ने संकेत दिया है कि 2 अप्रैल की निर्धारित समय सीमा से पहले संसद सत्र स्थगित किये जाने की संभावना है, लेकिन सत्रावसान नहीं किया जाएगा, ताकि उसी सत्र को पुनः बुलाया जा सके।
यह भी जानकारी मिली है कि सरकार अगले महीने पांच राज्यों में होने जा रहे विधानसभा चुनावों के बाद सत्र को पुनः बुलाने के विकल्प पर विचार कर रही है। चुनावों के परिणाम 4 मई को घोषित किए जाएंगे।
हालांकि, इस संबंध में सरकार की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।
भाषा सुभाष दिलीप
दिलीप

Facebook


