Crude Oil Stocks: भारत के पास बचा है केवल इतना क्रूड ऑयल! RTI के जरिए हुआ बड़ा खुलासा, जानिए किस इलाके में है कितना स्टॉक

भारत के पास बचा है केवल इतना क्रूड ऑयल! RTI के जरिए हुआ बड़ा खुलासा, Crude Oil Stocks in India

Crude Oil Stocks: भारत के पास बचा है केवल इतना क्रूड ऑयल! RTI के जरिए हुआ बड़ा खुलासा, जानिए किस इलाके में है कितना स्टॉक

Crude Oil Stocks in India. Image Source- IBC24 Archive

Modified Date: March 25, 2026 / 12:52 am IST
Published Date: March 24, 2026 11:42 pm IST

नई दिल्ली। Crude Oil Stocks in India वैश्विक ऊर्जा संकट की आशंकाओं के बीच भारत के रणनीतिक कच्चे तेल भंडार को लेकर चिंता बढ़ गई है। सरकारी आंकड़ों और एक आरटीआई के जवाब में सामने आया है कि देश का मौजूदा भंडार अपनी पूरी क्षमता पर भी महज 9.5 दिनों की जरूरत ही पूरी कर सकता है, जबकि वर्तमान स्टॉक इससे भी कम है। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अनुसार, 23 मार्च 2026 तक भारत के पास लगभग 3.372 मिलियन मीट्रिक टन कच्चा तेल उपलब्ध है, जो कुल भंडारण क्षमता 5.33 मिलियन मीट्रिक टन का करीब 64 प्रतिशत ही है। एक RTI के जवाब में इसका खुलासा हुआ है।

RTI के जवाब में कहा गया कि रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार (SPR) कार्यक्रम को 7 जनवरी, 2004 को मंजूरी दी गई थी और इसे लागू करने के लिए 16 जून, 2004 को इंडियन स्ट्रेटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व्स लिमिटेड (ISPRL) की स्थापना की गई थी। मौजूदा समय में, भारत की SPR क्षमता 3 जगहों पर स्थित है। विशाखापत्तनम में 1.33 मिलियन मीट्रिक टन, मंगलुरु में 1.5 मिलियन मीट्रिक टन और पादुर में 2.5 मिलियन मीट्रिक टन की क्षमता वाले स्ट्रेटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व्स हैं। RTI के जवाब में इसकी भी पुष्टि हुई है कि सरकार ने जुलाई 2021 में SPR नेटवर्क के विस्तार को मंजूरी दी थी और दो अतिरिक्त सुविधाओं की योजना बनाई गई है। इनमें ओडिशा के चांदीखोल में 4 मिलियन मीट्रिक टन की क्षमता वाली सुविधा और कर्नाटक के पादुर में अतिरिक्त 2.5 मिलियन मीट्रिक टन की सुविधा; इस तरह से कुल नियोजित विस्तार 6.5 मिलियन मीट्रिक टन तक पहुंच जाता है। इन सुविधाओं का प्रस्ताव सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल के तहत किया गया है, लेकिन ये अभी तक चालू नहीं हुए हैं।

41 देशों से कच्चा तेल आयात करता है भारत

Crude Oil Stocks in India बता दें कि कच्चे तेल की आपूर्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करने और एक ही क्षेत्र से कच्चे तेल पर निर्भरता के जोखिम को कम करने के लिए तेल और गैस से जुड़ीं सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियां (पीएसई) विविध स्त्रोतों से कच्चा तेल प्राप्त करती हैं। इस समय ये पीएसई 41 देशों से कच्चा तेल आयात करती हैं, जिसमें अमेरिका, नाइजीरिया, अंगोला, कनाडा, कोलंबिया, ब्राजील और मेक्सिको जैसे नए आपूर्तिकर्ता शामिल हैं, इसके अलावा पश्चिम एशिया के पारंपरिक आपूर्तिकर्ता जैसे इराक, सऊदी अरब, यूएई, कुवैत और कतर शामिल हैं।

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सवाल आपका है.. पत्रकारिता के माध्यम से जनसरोकारों और आप से जुड़े मुद्दों को सीधे सरकार के संज्ञान में लाना मेरा ध्येय है। विभिन्न मीडिया संस्थानों में 10 साल का अनुभव मुझे इस काम के लिए और प्रेरित करता है। कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रानिक मीडिया और भाषा विज्ञान में ली हुई स्नातकोत्तर की दोनों डिग्रियां अपने कर्तव्य पथ पर आगे बढ़ने के लिए गति देती है।