प्रवासियों का बसाया हुआ देश है अमेरिका, लेकिन बार-बार होता है अलग होने का एहसास: मेलिसा बैरेरा

प्रवासियों का बसाया हुआ देश है अमेरिका, लेकिन बार-बार होता है अलग होने का एहसास: मेलिसा बैरेरा

  •  
  • Publish Date - January 14, 2026 / 02:18 PM IST,
    Updated On - January 14, 2026 / 02:18 PM IST

नयी दिल्ली, 14 जनवरी (भाषा) “स्क्रीम” शीर्षक वाली फिल्मों और “इन द हाइट्स” में अपनी भूमिकाओं के लिए मशहूर अभिनेत्री मेलिसा बैरेरा का कहना है कि अमेरिका भले ही प्रवासियों का बसाया हुआ देश हो, लेकिन वहां उन्हें बार-बार यह साबित करना पड़ता है कि वे उसी देश के हैं।

मेक्सिको मूल की बैरेरा जल्द ही जासूसी पर आधारित सीरीज “द कोपेनहेगन टेस्ट” में सिमू लियू के साथ नजर आएंगी। उनके अनुसार किसी व्यक्ति को तभी पूरी तरह अमेरिकी माना जाता है जब वह श्वेत हो।

बैरेरा ने ‘पीटीआई-भाषा’ को डिजिटल माध्यम से दिए साक्षात्कार में कहा, “मुझे लगता है कि यह बिल्कुल सच बात है। अमेरिका प्रवासियों का देश है। कई समुदायों ने इस देश को बनाया है, लेकिन फिर भी अपने यहां रहने के अनुभव से मैं कह सकती हूं और मुझे लगता है कि कई लोग इस बात से सहमत होंगे कि यह ऐसा देश है जो आपको लगातार यह एहसास दिलाता रहता है कि आप अलग हैं।’’

उन्होंने कहा कि उम्मीद की जाती है कि अगर आप अमेरिकी हैं तो आप गोरे होंगे, और बाकी सब ‘हाइफनेटेड’ अमेरिकी (जिनके समुदाय के नाम में हाइफन हो) कहलाते हैं — जैसे चीनी-अमेरिकी, मैक्सिकन-अमेरिकी या नेटिव-अमेरिकी।

“द कोपेनहेगन टेस्ट” में इसी जटिलता को सिमू लियू के किरदार एलेक्जेंडर हेल के नजरिए से दिखाया गया है। वह एक चीनी-अमेरिकी एजेंट के किरदार में हैं, जिसका दिमाग हैक कर लिया जाता है और उसे देश के प्रति अपनी वफादारी साबित करनी पड़ती है।

बैरेरा ने कहा, “एलेक्जेंडर इस स्थिति से गुजरता है। उसके अंदर इस भावना ने घर कर रखा है कि वह यहां का नहीं है या पूरी तरह से अमेरिकी नहीं है। मुझे लगता है कि यही इस कहानी का सबसे बड़ा केंद्र बिंदु है।”

उन्होंने कहा कि एलेक्जेंडर का किरदार सचमुच किसी जगह से अपने जुड़ाव का पता लगाना चाहता है और यह चाहता है कि लोग उसे पूरी तरह अमेरिकी और भरोसेमंद मानें।

बैरेरा “द कोपेनहेगन टेस्ट” में अंडरकवर एजेंट की भूमिका निभा रहीं हैं। यह सीरीज फिलहाल भारत में जियोहॉटस्टार पर स्ट्रीम हो रही है।

थॉमस ब्रैंडन की बनाई सीरीज “द कोपेनहेगन टेस्ट” निकट भविष्य पर आधारित है। इसमें एलेक्जेंडर हेल की कहानी दिखाई गई है, जिसका दिमाग हैक कर लिया जाता है। इससे हैकर्स को वह सब कुछ देखने और सुनने की ताकत मिल जाती है जो एलेक्जेंडर का किरदार देखता और सुनता है। इसके बाद वह दिमाग हैक करने वाले अपराधियों को पकड़ने और अपनी निष्ठा साबित करने के मिशन पर निकलता है।

भाषा जोहेब मनीषा वैभव

वैभव