Amit Shah on UCC: इस वर्ग के लोगों पर लागू नहीं होगा UCC कानून, देश की राजधानी से अमित शाह का बड़ा ऐलान, धर्मांतरण को लेकर दे दी ये चेतावनी

Amit Shah Statement on UCC and Conversion

Amit Shah on UCC: इस वर्ग के लोगों पर लागू नहीं होगा UCC कानून, देश की राजधानी से अमित शाह का बड़ा ऐलान, धर्मांतरण को लेकर दे दी ये चेतावनी
Modified Date: May 24, 2026 / 09:30 pm IST
Published Date: May 24, 2026 9:26 pm IST

नई दिल्लीः Amit Shah on UCC देश की राजधानी दिल्ली में आयोजित जनजाति संस्कृति समागम कार्यक्रम में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आदिवासी समाज, समान नागरिक संहिता (UCC), नक्सलवाद और धर्मांतरण जैसे मुद्दों पर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश का पेसा कानून पूरे देश के लिए एक आदर्श मॉडल बन चुका है और भाजपा शासित कई राज्य इस मॉडल पर काम कर रहे हैं। गृह मंत्री अमित शाह ने अपने संबोधन में कहा कि समान नागरिक संहिता (UCC) को लेकर देश में भ्रम और अफवाहें फैलाई जा रही हैं। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि UCC की पाबंदियां वनवासियों पर लागू नहीं होंगी और इससे उनकी संस्कृति, परंपराओं एवं जीवनशैली पर किसी प्रकार का अतिक्रमण नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि “वनवासियों की संस्कृति से कोई खिलवाड़ नहीं होगा। उनकी परंपराएं और सांस्कृतिक पहचान पूरी तरह सुरक्षित रहेंगी।”

Amit Shah on UCC नक्सलवाद के मुद्दे पर बोलते हुए अमित शाह ने दावा किया कि देश से अब नक्सलवाद लगभग समाप्त हो चुका है। उन्होंने कहा कि नक्सलियों ने वर्षों में करीब 40 हजार ग्रामीणों की हत्या की, लेकिन अब हालात तेजी से बदल रहे हैं। गृह मंत्री ने बताया कि सुरक्षा कैंपों में “शहीद गुंडाधुर सेवा डेरा” शुरू किए गए हैं और अब जंगलों के भीतर विकास कार्यों की शुरुआत हो चुकी है। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारें आदिवासी क्षेत्रों में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के क्षेत्र में तेजी से काम कर रही हैं।

अमित शाह ने यह भी कहा कि आज छत्तीसगढ़ और ओडिशा जैसे राज्यों में आदिवासी मुख्यमंत्री कार्य कर रहे हैं, जो आदिवासी समाज के बढ़ते राजनीतिक सशक्तिकरण का उदाहरण है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार आदिवासी समाज के विकास और अधिकारों की रक्षा के लिए लगातार काम कर रही है। धर्मांतरण के मुद्दे पर गृह मंत्री ने कहा कि “लोभ, लालच या जबरन किसी का धर्म परिवर्तन नहीं कराया जा सकता।” उन्होंने प्रकृति पूजा को सनातन परंपरा से जोड़ते हुए कहा कि यही भारतीय संस्कृति और आदिवासी परंपराओं को एक सूत्र में बांधती है। कार्यक्रम में अमित शाह के इन बयानों को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। खासतौर पर UCC और आदिवासी अधिकारों को लेकर दिए गए उनके बयान को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

 


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