अमित शाह बृहस्पतिवार को दक्षिणी क्षेत्रीय परिषद की बैठक की अध्यक्षता करेंगे
अमित शाह बृहस्पतिवार को दक्षिणी क्षेत्रीय परिषद की बैठक की अध्यक्षता करेंगे
(फोटो के साथ)
चेन्नई, 19 अगस्त (भाषा) केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 20 अगस्त को चेन्नई के निकट ममल्लापुरम में दक्षिणी क्षेत्रीय परिषद की 31वीं बैठक की अध्यक्षता करेंगे। इसमें दक्षिणी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्री भी हिस्सा लेंगे। सरकार ने बुधवार को यह जानकारी दी।
दक्षिणी क्षेत्रीय परिषद में आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु और तेलंगाना के अलावा केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी, अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह तथा लक्षद्वीप शामिल हैं।
केंद्र सरकार ने कहा कि यह परिषद केंद्र और सदस्य राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के बीच मुद्दों और विवादों के समाधान के लिए एक प्रभावी मंच के रूप में काम करती है।
कर्नाटक और तमिलनाडु, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश तथा तमिलनाडु और केरल के बीच नदी जल बंटवारे से जुड़े विवाद उन मुद्दों में शामिल हैं, जिन पर लगातार चर्चा होती रही है।
केंद्र सरकार ने एक आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा कि परिषद की बैठकों में राष्ट्रीय महत्व के व्यापक मुद्दों पर भी चर्चा की जाती है।
अमित शाह के बुधवार शाम सात बजकर 45 मिनट तक चेन्नई पहुंचने की संभावना है। इसके बाद वह शहर के बाहरी इलाके में स्थित ममल्लापुरम के निकट कोवलम जाएंगे, जहां बैठक प्रस्तावित है।
कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी के शिवकुमार ने कहा है कि वह दक्षिणी क्षेत्रीय परिषद की बैठक में शामिल होने के लिए बृहस्पतिवार को तमिलनाडु जाएंगे।
इस बैठक में राष्ट्रीय स्तर के मुद्दों में महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराधों, विशेष रूप से दुष्कर्म के मामलों की त्वरित जांच और शीघ्र निपटारे के लिए विशेष अदालतों के अलावा शिक्षा से जुड़े विषयों पर भी चर्चा होगी।
क्षेत्रीय स्तर पर साझा हितों से जुड़े मुद्दों, जैसे आंध्र प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम, जल बंटवारा, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) और नागरिक उड्डयन से संबंधित विषयों पर भी विचार-विमर्श किया जाएगा।
सरकार ने कहा, ‘‘ क्षेत्रीय परिषदों की भूमिका सलाहकारी होती है। हालांकि, पिछले कुछ वर्षों में ये परिषदें विभिन्न क्षेत्रों के बीच आपसी समझ और सहयोग के मजबूत संबंध विकसित करने में महत्वपूर्ण साबित हुई हैं। ’’
केंद्र सरकार के मंत्रालयों और विभागों तथा सभी राज्य सरकारों के सहयोग से जून 2014 से अब तक करीब 12 वर्षों में विभिन्न क्षेत्रीय परिषदों और उनकी स्थायी समितियों की कुल 69 बैठकें हो चुकी हैं।
सरकार ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सहकारी संघवाद के आधार पर देश के लिए ‘टीम भारत’ की परिकल्पना की थी और क्षेत्रीय परिषदें इस दिशा में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं।
ये परिषदें इस सोच के आधार पर काम करती हैं कि मजबूत राज्य ही मजबूत राष्ट्र का निर्माण करते हैं। ये दो या दो से अधिक राज्यों अथवा केंद्र और राज्यों से जुड़े मुद्दों पर संवाद तथा चर्चा के लिए एक व्यवस्थित तंत्र उपलब्ध कराती हैं तथा आपसी सहयोग को बढ़ावा देने का मंच प्रदान करती हैं।
सरकार ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में क्षेत्रीय परिषदों की बैठकें संवाद के माध्यम से समाधान तलाशने के एक प्रभावी मंच के रूप में विकसित हुई हैं।’’
क्षेत्रीय परिषद ने मुख्य सचिवों के स्तर पर एक स्थायी समिति का भी गठन किया है। राज्यों द्वारा प्रस्तावित मुद्दों को पहले स्थायी समिति के समक्ष चर्चा के लिए रखा जाता है और वहां विचार-विमर्श के बाद शेष मुद्दों को क्षेत्रीय परिषद की बैठक में विचार के लिए प्रस्तुत किया जाता है।
राज्य पुनर्गठन अधिनियम, 1956 की धारा 15 से 22 के तहत दक्षिणी क्षेत्रीय परिषद समेत पांच क्षेत्रीय परिषदों का गठन किया गया था। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह दक्षिणी क्षेत्रीय परिषद के अध्यक्ष हैं, जबकि तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय इसके उपाध्यक्ष हैं।
सदस्य राज्यों के मुख्यमंत्री बारी-बारी से परिषद के उपाध्यक्ष बनते हैं। 31वीं बैठक का आयोजन केंद्रीय गृह मंत्रालय के अंतर-राज्य परिषद सचिवालय द्वारा तमिलनाडु सरकार की मेजबानी में किया जा रहा है।
इस बैठक में दक्षिणी क्षेत्र के सदस्य राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्री/उपराज्यपाल/प्रशासक तथा प्रत्येक राज्य के दो वरिष्ठ मंत्री शामिल होंगे।
इसके अलावा राज्यों के मुख्य सचिव/सलाहकार और अन्य वरिष्ठ अधिकारी तथा केंद्र सरकार के वरिष्ठ अधिकारी भी बैठक में भाग लेंगे।
भाषा
रवि कांत रवि कांत पवनेश
पवनेश

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