सांसद अमृतपाल 59 दिन लोकसभा से अनुपस्थित रहे, माफी के लिए आवेदन कर सकते हैं :एएसजी
सांसद अमृतपाल 59 दिन लोकसभा से अनुपस्थित रहे, माफी के लिए आवेदन कर सकते हैं :एएसजी
चंडीगढ़, 24 मार्च (भाषा) पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय को मंगलवार को अवगत कराया गया कि जेल में बंद सांसद अमृतपाल सिंह की संसद से लगातार अनुपस्थिति 59 बैठक तक पहुंच गई है और वे अपनी अनुपस्थिति माफ कराने के लिए आवेदन कर सकते हैं।
अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल (एएसजी) सत्य पाल जैन ने संसद के बजट सत्र में भाग लेने के लिए अस्थायी रिहाई की मांग करने वाली अमृतपाल की याचिका पर सुनवाई पुनः शुरू होने के दौरान यह बात कही।
मुख्य न्यायाधीश शील नागू और न्यायमूर्ति संजीव बेरी की खंडपीठ ने याचिका पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया।
सुनवाई के दौरान, जैन ने अधिवक्ता धीरज जैन के साथ पीठ के समक्ष प्रस्तुत किया कि संविधान के अनुच्छेद 104 के तहत, यदि कोई सांसद लगातार 60 बैठकों तक अनुपस्थित रहता है, तो उसकी सीट को रिक्त घोषित किया जा सकता है।
अमृतपाल (33) वर्तमान में राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम के तहत असम की डिब्रूगढ़ जेल में बंद हैं।
लोकसभा अध्यक्ष की ओर से पेश जैन ने कहा, ‘‘संसद से उनकी (अमृतपाल की) अनुपस्थिति कल 59 बैठकों तक पहुंच गई और आज 60 दिन हो गए हैं।’’
हालांकि, जैन ने कहा कि सदन से अनुपस्थिति को माफ करने के लिए लोकसभा में एक समिति है और यदि कोई सांसद अनुपस्थिति के कारणों सहित आवेदन प्रस्तुत करता है, तो समिति उस पर विचार कर सकती है और अपनी सिफारिशों के साथ लोकसभा को सौंप सकती है। जैन ने कहा कि लोकसभा आमतौर पर अनुपस्थिति माफ कर देती है।
जैन ने बताया कि अमृतपाल अपनी अनुपस्थिति माफ करने के लिए आवेदन दे सकते हैं।
एएसजी ने बताया कि अमृतपाल की सदन से अनुपस्थिति पहले दो बार माफ की जा चुकी है।
‘वारिस पंजाब दे’ समूह के प्रमुख अमृतपाल को एक महीने से अधिक समय तक चली तलाश के बाद 23 अप्रैल, 2023 को मोगा के रोडे गांव से गिरफ्तार किया गया था। अमृतपाल ने खुद को मारे जा चुके खालिस्तानी आतंकवादी जरनैल सिंह भिंडरांवाले की तर्ज पर स्थापित किया था।
पंजाब पुलिस ने 23 फरवरी, 2023 को अजनाला घटना के बाद यह कार्रवाई शुरू की थी, जिसमें सिंह और उनके समर्थकों ने कथित तौर पर बैरिकेड तोड़कर अमृतसर शहर के बाहरी इलाके में स्थित एक पुलिस थाने में घुसकर अपने सहयोगियों की रिहाई के लिए पुलिस से झड़प की। इस दौरान अमृतपाल के कई समर्थक तलवार और बंदूकें लहरा रहे थे।
अमृतपाल ने 2024 के लोकसभा चुनाव में निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा और पंजाब के खडूर साहिब से जीत हासिल की।
अप्रैल 2025 में राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) के तहत उनकी हिरासत बढ़ा दी गई, जबकि उनके नौ सहयोगियों को, जो असम जेल में बंद थे, पंजाब वापस लाया गया।
इन नौ सहयोगियों को 2023 के अजनाला पुलिस थाने पर हमले की घटना के संबंध में गिरफ्तार किया गया था।
भाषा संतोष रंजन
रंजन

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