आंध्र प्रदेश में बस-ऑटो की टक्कर में सात लोगों की मौत, मुख्यमंत्री नायडू ने जताया शोक

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आंध्र प्रदेश में बस-ऑटो की टक्कर में सात लोगों की मौत, मुख्यमंत्री नायडू ने जताया शोक

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  • Publish Date - August 27, 2026 / 02:31 PM IST,
    Updated On - August 27, 2026 / 02:31 PM IST

चिलकलूरिपेट (आंध्र प्रदेश), 27 अगस्त (भाषा) आंध्र प्रदेश के पलनाडु जिले में कला मंदिर जंक्शन के पास बुधवार देर रात एक निजी बस और ऑटो की टक्कर में सात लोगों की मौत हो गई तथा छह अन्य घायल हो गए। पुलिस ने यह जानकारी दी।

मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने हादसे में लोगों की मौत पर गहरा दुख व्यक्त किया।

नरसारावपेट के पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) एम. हनुमंत राव के अनुसार, हादसा रात करीब एक बजे हुआ। तिरुपति जा रही निजी बस एक यात्री को लेने के लिए चिलकलूरिपेट के पास बाइपास पर पहुंची थी।

उन्होंने बताया कि यात्री को लेने के बाद बस नरसारावपेट बस अड्डे की ओर जा रही थी, तभी कला मंदिर जंक्शन के पास वह ऑटो से टकरा गई।

डीएसपी ने बताया कि ऑटो गलत दिशा से सड़क की ओर मुड़ा और करीब 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आ रही बस के रास्ते में आ गया।

राव ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, ‘‘पलनाडु जिले में हुई इस टक्कर में सात लोगों की मौत हो गई और छह अन्य घायल हो गए।’’

उन्होंने बताया कि चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन अन्य ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।

पुलिस ने भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 304ए के तहत मामला दर्ज किया है। यह धारा लापरवाही या तेज एवं असावधानी से वाहन चलाने के कारण मौत होने से संबंधित है।

अधिकारियों ने मुख्यमंत्री नायडू को बताया कि ये लोग चिलकलूरिपेट मंडल के वेलुरु गांव के रहने वाले थे। गंभीर रूप से घायल लोगों को इलाज के लिए गुंटूर के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को घायलों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराने और उनकी स्थिति पर लगातार नजर रखने का निर्देश दिया।

पूर्व मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी ने भी घटना में लोगों की मौत पर दुख जताया। उन्होंने कहा कि यह घटना ‘‘बेहद पीड़ादायक’’ है और सभी लोगों का एक ही गांव से होना इस हादसे को और दुखद बनाता है।

उन्होंने अधिकारियों से सभी घायलों को तत्काल और बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने का आग्रह किया।

पूर्व मुख्यमंत्री ने हादसे के कारणों की व्यापक जांच कराने और ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सड़क सुरक्षा के उपायों को मजबूत करने की भी मांग की।

भाषा शोभना मनीषा

मनीषा