Avimukteshwaranand on Rahul Gandhi’s Statement: ’बयानबाजी से बाज आएं’…राहुल गांधी के मनुस्मृति बयान पर अविमुक्तेश्वरानंद का तीखा पलटवार, दी स्पष्ट चेतावनी

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Avimukteshwaranand on Rahul Gandhi's Statement: ’बयानबाजी से बाज आएं’...राहुल गांधी के मनुस्मृति बयान पर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद का तीखा पलटवार, दी स्पष्ट चेतावनी

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  • Publish Date - August 27, 2026 / 01:36 PM IST,
    Updated On - August 27, 2026 / 01:50 PM IST

Avimukteshwaranand on Rahul Gandhi Statement: ’बयानबाजी से बाज आएं’...राहुल गांधी के मनुस्मृति बयान पर अविमुक्तेश्वरानंद का तीखा पलटवार, दी स्पष्ट चेतावनी /image: IBC24 File

HIGHLIGHTS
  • अविमुक्तेश्वरानंद ने राहुल गांधी के हिंदू धर्मशास्त्र और मनुस्मृति से जुड़े कथित बयानों पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है
  • उन्होंने कहा कि प्राचीन धर्मशास्त्रों के संदर्भों को राजनीतिक लाभ के लिए संदर्भ से अलग करके प्रस्तुत करने से समाज में भ्रम फैल सकता है
  • शंकराचार्य ने राहुल गांधी से हिंदू धर्म और शास्त्रों पर टिप्पणी करने से बचने की अपील की है।

बेमेतरा/ छत्तीसगढ़। Avimukteshwaranand on Rahul Gandhi Statement of Manusmriti: राहुल गांधी द्वारा हिंदू धर्मशास्त्र और मनुस्मृति (Manusmriti Row) को लेकर दिए गए कथित बयानों पर शंकराचार्य स्वामिश्री: अविमुक्तेश्वरानंद: सरस्वती (Shankaracharya Avimukteshwaranand) ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। 23 अगस्त को जारी प्रेस वक्तव्य में शंकराचार्य ने राहुल गांधी पर हिंदू धर्मशास्त्रों को लेकर भ्रम फैलाने तथा प्राचीन शास्त्रीय संदर्भों को राजनीतिक लाभ के लिए प्रस्तुत करने का आरोप लगाया है।

प्रेस नोट में कहा गया है कि पुणे में अपने एक कार्यक्रम के दौरान राहुल गांधी ने हिंदुओं के प्रमुख धर्मशास्त्र मनुस्मृति और सनातन सांस्कृतिक विचारों को लेकर जो बातें कहीं, उनमें अज्ञानता, सतही समझ और सनातन परंपरा के प्रति दुर्भावनापूर्ण मानसिकता दिखाई देती है। शंकराचार्य ने कहा कि राजनीतिक लाभ के लिए प्राचीन धर्मशास्त्रों के श्लोकों को संदर्भ से काटकर पेश करना न केवल सांस्कृतिक विरासत का अपमान है, बल्कि समाज को भ्रमित करने का प्रयास भी है।

’रक्षा और दायित्व’ को परतंत्रता बताना गलत (Shankaracharya Reaction)

शंकराचार्य ने मनुस्मृति के चर्चित श्लोक “पिता रक्षति कौमारे, भर्ता रक्षति यौवने…” का संदर्भ देते हुए कहा कि इसे स्त्री की परतंत्रता के रूप में प्रस्तुत करना उचित नहीं है। उनके अनुसार शास्त्रीय संदर्भ में यह परिवार और समाज द्वारा स्त्री की सुरक्षा एवं दायित्व की व्यवस्था को दर्शाता है, न कि किसी प्रकार के नियंत्रण या दासता को।

सनातन परंपरा में नारी को शक्ति का स्वरूप बताया (Rahul Gandhi Statement of Manusmriti Statement:)

Avimukteshwaranand on Rahul Gandhi Statement of Manusmriti Statement वक्तव्य में भारतीय वाङ्मय में महिलाओं की भूमिका और सम्मान का उल्लेख करते हुए कहा गया है कि सनातन परंपरा में नारी को केवल आश्रित नहीं माना गया, बल्कि उसे ‘शक्ति’ और ‘महानिर्मात्री’ के रूप में प्रतिष्ठित किया गया है। ऋग्वेद की अनेक ऋषिकाओं से लेकर भारतीय परंपरा में पूज्य महिलाओं तक का उल्लेख करते हुए शंकराचार्य ने कहा कि सनातन संस्कृति की मूल भावना परस्पर सम्मान और कर्तव्य पर आधारित रही है।

राजनीतिक भ्रम दूर करने की अपील (Sanatan Dharma News)

प्रेस नोट में राहुल गांधी (Rahul Gandhi Latest News) के उस कथित राजनीतिक आरोप का भी खंडन किया गया है, जिसमें भारतीय जनता पार्टी को मनुस्मृति समर्थक बताया गया। शंकराचार्य ने कहा कि स्वतंत्र भारत की शासन व्यवस्था संविधान से संचालित होती है और किसी भी राजनीतिक दल को मनुस्मृति से जोड़ना राजनीतिक भ्रम पैदा करने वाला कथन है।

उन्होंने राहुल गांधी से हिंदू धर्मशास्त्रों के संबंध में बयान देने से पहले उनके मूल संदर्भ, भाषा और व्याख्या का गंभीर अध्ययन करने तथा असत्य एवं भ्रामक प्रचार से बचने की अपील की है।

’बयानबाजी से बाज आएं’—स्पष्ट चेतावनी ( Rahul Gandhi Hindu Scriptures Controversy)

Avimukteshwaranand on Rahul Gandhi Statement of Manusmriti Statement शंकराचार्य ने अपने वक्तव्य में राहुल गांधी के लगातार मनुस्मृति विरोधी बयानों को लेकर कड़ी चेतावनी भी दी है। उन्होंने कहा कि हिंदू धर्म और शास्त्रों के विषय में बिना समुचित अध्ययन के की जाने वाली टिप्पणी से समाज में भ्रम और वैमनस्य पैदा हो सकता है।

वक्तव्य के अंत में राहुल गांधी से अपनी कथित धर्मविरोधी एवं शास्त्रविरोधी बयानबाजी से बाज आने की अपील करते हुए कहा गया है कि यदि ऐसी टिप्पणियां जारी रहती हैं तो उनके विरुद्ध संत समाज और सनातनप्रेमी समाज का विरोध और मुखर होगा।

शंकराचार्य का यह बयान ऐसे समय आया है, जब मनुस्मृति, संविधान और हिंदू धर्मशास्त्रों को लेकर राजनीतिक बहस लगातार तेज होती जा रही है। उनके वक्तव्य ने इस बहस को धार्मिक और शास्त्रीय विमर्श के स्तर पर एक नया आयाम दे दिया है।

 

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शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने राहुल गांधी को क्या कहा?

अपने प्रेस वक्तव्य में शंकराचार्य ने राहुल गांधी से हिंदू धर्मशास्त्रों और मनुस्मृति पर बयान देने से पहले उनके मूल संदर्भ, भाषा और व्याख्या का गंभीर अध्ययन करने की अपील की।

मनुस्मृति के किस श्लोक को लेकर प्रतिक्रिया दी गई?

वक्तव्य में चर्चित श्लोक “पिता रक्षति कौमारे, भर्ता रक्षति यौवने…” के संदर्भ और उसकी व्याख्या को लेकर प्रतिक्रिया व्यक्त की गई।

शंकराचार्य ने स्त्री के संबंध में क्या तर्क दिया?

प्रेस वक्तव्य के अनुसार, इस श्लोक को स्त्री की परतंत्रता के बजाय सुरक्षा और पारिवारिक दायित्व की व्यवस्था के संदर्भ में देखा जाना चाहिए। यह शंकराचार्य की व्याख्या है।

क्या शंकराचार्य ने राहुल गांधी को चेतावनी दी?

वक्तव्य में कहा गया कि यदि हिंदू धर्म और शास्त्रों को लेकर ऐसी टिप्पणियां जारी रहीं तो संत समाज और सनातनप्रेमी समाज का विरोध अधिक मुखर हो सकता है।

यह विवाद क्यों चर्चा में है?

मनुस्मृति, संविधान और हिंदू धर्मशास्त्रों को लेकर राजनीतिक और सामाजिक बहस लंबे समय से जारी है। राहुल गांधी के कथित बयानों और उन पर शंकराचार्य की प्रतिक्रिया के बाद यह मुद्दा फिर चर्चा में आ गया है।