आंध्र प्रदेश : नेल्लोर जिले में आईपीएल सट्टेबाजी रैकेट का भंडाफोड़, 12 लोग गिरफ्तार
आंध्र प्रदेश : नेल्लोर जिले में आईपीएल सट्टेबाजी रैकेट का भंडाफोड़, 12 लोग गिरफ्तार
नेल्लोर (आंध्र प्रदेश), 22 अप्रैल (भाषा) आंध्र प्रदेश के नेल्लोर जिले में 12 लोगों को गिरफ्तारी कर, एक संगठित, ऑनलाइन क्रिकेट सट्टेबाजी के रैकेट का भंडाफोड़ किया गया। पुलिस ने बुधवार को यह जानकारी दी।
पुलिस ने बताया कि आरोपी 14 सदस्यीय गिरोह से जुड़े थे, जिनमें मुख्य आयोजकों की पहचान शेख फरियाज और सहयोगी कोंडुरु वासु के रूप में हुई है, जबकि दो अन्य लोग अब भी फरार हैं।
नेल्लोर जिले की पुलिस अधीक्षक (एसपी) अजिता वेजेंडला ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘हमने ऑनलाइन मंचों के माध्यम से संचालित हो रहे आईपीएल क्रिकेट सट्टेबाजी के एक संगठित रैकेट का भंडाफोड़ कर 12 लोगों को गिरफ्तार किया है। शेष दो फरार हैं और उनकी तलाश जारी है।’’
एसपी के अनुसार, आदतन अपराधियों पर निगरानी और लॉज पर निरीक्षण के बाद 19 अप्रैल को इस रैकेट का पर्दाफाश हुआ, जिसके बाद दरगामिट्टा थाना क्षेत्र के अंतर्गत मगुंटा लेआउट में एक निजी होटल पर छापा मारा गया।
वेजेंडला ने कहा कि आरोपी ‘राधे एक्सचेंज’ प्लेटफॉर्म के माध्यम से सट्टेबाजी कर रहे थे, जिसमें धनराशि जमा करने के निर्देश एक अंतरराष्ट्रीय नंबर से व्हाट्सएप के माध्यम से भेजे जाते थे।
एसपी ने बताया कि अभियान के दौरान पुलिस ने आरोपियों से दो लाख रुपये से अधिक की नकदी, 13 मोबाइल फोन और एक टेलीविजन जब्त किया तथा इन उपकरणों को फोरेंसिक विश्लेषण के लिए भेजा गया है।
उन्होंने बताया कि जांच में पता चला है कि यह गिरोह कई आरोपियों और उनसे जुड़े उद्यमों के 28 बैंक खातों के माध्यम से काम करता था, जिनमें एक्सिस बैंक, आरबीएल बैंक और एचडीएफसी बैंक में राधे से जुड़ी संस्थाओं के तहत तीन खाते शामिल हैं। इन खातों को फ्रीज कर दिया गया है।
वित्तीय विश्लेषण से पता चला कि अप्रैल 2025 से अप्रैल 2026 के बीच 37 लाख रुपये से अधिक मूल्य के 72 लेनदेन किए गए।
अब तक 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। स्थानीय अदालत के आदेश पर उन्हें 14 दिनों के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है, जबकि शेष दो आरोपियों को पकड़ने के प्रयास जारी हैं।
इस बीच, पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4), 112(2) और 61(1), आंध्र प्रदेश गेमिंग अधिनियम की धारा 3 और 4 तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66(डी) के तहत मामला दर्ज किया।
भाषा यासिर मनीषा
मनीषा

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