All India Track Maintainers Conference: मोदी सरकार ने 10 सालों में बिछाई 36,000 किलोमीटर नई रेल पटरियां.. अखिल भारतीय ट्रैक मेंटेनर्स सम्मेलन में मंत्री अश्विनी वैष्णव ने गिनाई उपलब्धियां, सुनें

All India Track Maintainers Conference: रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने ट्रैक मेंटेनर्स सम्मेलन में 10 वर्षों में 36,000 किमी रेल विस्तार और आधुनिकीकरण की जानकारी दी

All India Track Maintainers Conference: मोदी सरकार ने 10 सालों में बिछाई 36,000 किलोमीटर नई रेल पटरियां.. अखिल भारतीय ट्रैक मेंटेनर्स सम्मेलन में मंत्री अश्विनी वैष्णव ने गिनाई उपलब्धियां, सुनें

All India Track Maintainers Conference || Image- ANI News File

Modified Date: April 22, 2026 / 03:14 pm IST
Published Date: April 22, 2026 3:12 pm IST
HIGHLIGHTS
  • 10 साल में 36,000 किमी नई रेल पटरियां बिछाई गईं
  • ट्रैक मेंटेनेंस के लिए नई तकनीक और मशीनों का विस्तार
  • रेल-कम-रोड वाहन से रखरखाव कार्य होगा आसान और सुरक्षित

नई दिल्ली: देश की राजधानी नई दिल्ली में अखिल भारतीय ट्रैक मेंटेनर्स सम्मेलन का आयोजन किया गया। (All India Track Maintainers Conference) इस सम्मलेन में पहुंचे रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव ने रेलवे से जुडी कर्मचारियों की प्रशंसा करते हुए बीते 10 साल में रेल विस्तार की दिशा में हुए कामकाज का खाका भी पेश किया।

पिछले दस सालों में लगभग 36,000 किलोमीटर नए ट्रैक

इस सम्मलेन में बोलते हुए, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा, “रेलवे ट्रैक का आधुनिकीकरण बहुत ज़रूरी है, और हमें इस लक्ष्य को पूरी लगन और ज़ोर-शोर से हासिल करना चाहिए। पिछले दस सालों में लगभग 36,000 किलोमीटर नए ट्रैक बिछाए गए हैं। अभी, रेलवे नेटवर्क में इन ट्रैक के बेहतर रखरखाव के लिए लगभग 1,800 ट्रैक मशीनें उपलब्ध हैं; हमारा लक्ष्य इस संख्या को बढ़ाकर लगभग 3,000 तक पहुँचाना है। जब यह संख्या 3,000 के आस-पास पहुँच जाएगी, तो ट्रैक की जाँच और रखरखाव से जुड़ी पुरानी समस्याएँ काफी हद तक हल हो जाएँगी।”

मेंटनेस के लिए रेल-कम-रोड वाहन का ऐलान

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि, “हम ट्रैक रखरखाव के लिए एक नया मॉडल भी ला रहे हैं रेल-कम-रोड वाहन। इस सिस्टम के तहत, कर्मचारी अपने सभी औज़ार और उपकरण सीधे वाहन में लोड कर सकेंगे, सीधे ट्रैक पर गाड़ी चला सकेंगे, और आराम से बैठकर ट्रैक की भौतिक जाँच कर सकेंगे। इस पहल के लिए एक पायलट प्रोजेक्ट अभी भावनगर डिवीज़न में शुरू किया जा रहा है। (All India Track Maintainers Conference) गहन परीक्षण के बाद दो रेल-कम-रोड वाहन तैनात किए जा रहे हैं। यह नया सिस्टम अभी चल रहे पारंपरिक और थकाने वाले काम करने के तरीकों को पूरी तरह से बदल देगा। अब काम ऐसे तरीके से किया जा सकेगा जो ज़्यादा सुरक्षित, ज़्यादा आरामदायक और तकनीकी रूप से ज़्यादा उन्नत होगा।”

रेल मंत्री वैष्णव ने आगे बताया कि, “इसके अलावा, ट्रैक की जाँच में मदद के लिए ड्रोन तकनीक और नए तरह के गेज उपलब्ध कराए जा रहे हैं। ये नए गेज टर्नआउट और पॉइंट-क्रॉसिंग की सटीक माप लेने में मदद करेंगे नतीजतन, जो काम पहले अंदाज़े के आधार पर किए जाते थे, अब उन्हें पूरी सटीकता के साथ किया जा सकेगा।

उन्होंने सम्मलेन को सम्बोधित करते हुए कहा कि, “आज, पूरे देश में आधुनिक ट्रैक सिस्टम लागू किए जा रहे हैं, जैसे 60 किलोग्राम रेल, 90 UTS मज़बूती वाली रेल, और 207 मीटर लंबे रेल पैनल। (All India Track Maintainers Conference) टर्नआउट में घर्षण-मुक्त स्विच लगाए जा रहे हैं, और वेल्डेबल CMS (WCMS) का इस्तेमाल बढ़ाया जा रहा है। हमारा लक्ष्य आने वाले सालों में पूरे देश में इन सभी आधुनिक सिस्टम को हर जगह लागू करना है।”

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