गाजियाबाद की 150 झुग्गियों में लगी आग के बाद जानवरों को बचाया गया

गाजियाबाद की 150 झुग्गियों में लगी आग के बाद जानवरों को बचाया गया

गाजियाबाद की 150 झुग्गियों में लगी आग के बाद जानवरों को बचाया गया
Modified Date: April 17, 2026 / 05:41 pm IST
Published Date: April 17, 2026 5:41 pm IST

नयी दिल्ली, 17 अप्रैल (भाषा) ‘पीपुल फॉर द एथिकल ट्रीटमेंट ऑफ एनिमल्स (पेटा) भारत’ के त्वरित प्रतिक्रिया दल ने गाजियाबाद के एक गांव में लगभग 150 झुग्गियों में आग लगने के बाद वहां से कई जानवरों को बचाया तथा उनका इलाज किया। अधिकारियों ने शुक्रवार को इस घटना की जानकारी दी।

आग बृहस्पतिवार दोपहर को इंदिरापुरम थाना क्षेत्र के कनावनी गांव में लगी जहां कबाड़ का काम किया जा रहा था। घटना में कई परिवार बेघर हो गए। अभी तक जानमाल के नुकसान की कोई खबर नहीं है।

आग की सूचना मिलते ही पेटा के त्वरित प्रतिक्रिया दल ने मौके पर पहुंच कर संकट में फंसे जानवरों की तलाश की तथा तुरंत उन्हें चिकित्सा सहायता प्रदान की।

अधिकारियों के मुताबिक बचाव कार्य के दौरान दल ने प्रभावित क्षेत्र में लगभग 35 से 40 कुत्तों और दो बिल्लियों को बचाया, उन्हें भोजन और पानी प्रदान किया और साथ ही जानवरों की चोटों और सदमे का आकलन किया। चोटिल जानवरों का इलाज किया तथा उनमें निर्जलीकरण और तनाव की जांच की।

गंभीर रूप से झुलसे जानवरों को अस्पताल में भर्ती कराने के लिए अन्य संगठनों को सौंप दिया गया।

पेटा इंडिया के पशु चिकित्सा मामलों की वरिष्ठ निदेशक मिनी अरविंदन ने कहा, ‘आग के कारण जानवर जल सकते हैं, उनमें पानी की कमी हो सकती है, सुधबुध खो बैठते हैं, या इतने डर सकते हैं कि हिल ही न पाएं। तत्काल इलाज और पानी, भोजन तथा देखभाल जैसे बुनियादी कदम उठाकर जीवन बचाया जा सकता है।’

जिला मजिस्ट्रेट रविंद्र कुमार मंदर ने बताया कि अग्निशमन विभाग आग बुझाने में कामयाब रहा। हालांकि प्रभावित इलाके में धुआं उठता रहा। उन्होंने बताया कि किसी के हताहत या लापता होने की खबर नहीं है और इसकी पुष्टि के लिए सर्वेक्षण चल रहा है।

अधिकारियों के मुताबिक प्रभावित परिवारों को अस्थायी आश्रयों में स्थानांतरित कर दिया गया है और राहत सामग्री वितरित की जा रही है।

पेटा इंडिया ने लोगों से सुरक्षित रहते हुए संकट में फंसे जानवरों की मदद करने, उन्हें गर्मी और धुएं से दूर ले जाने, साफ पानी देने, शरीर के जले हुए हिस्सों पर ठंडा पानी डालने और तत्काल पशु चिकित्सक की मदद लेने की अपील की है।

भाषा Intern नरेश

नरेश


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