Anti Paper Leak Bill 2026: पेपर लीक माफिया पर सरकार का शिकंजा, लोकसभा में पेश हुआ एंटी पेपर लीक संशोधन बिल, जानिये कितना बदल जाएगा यह कानून

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Anti Paper Leak Bill 2026: पेपर लीक माफिया पर सरकार का शिकंजा, लोकसभा में पेश हुआ एंटी पेपर लीक संशोधन बिल, जानिये कितना बदल जाएगा यह कानून

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  • Publish Date - July 27, 2026 / 02:18 PM IST,
    Updated On - July 27, 2026 / 02:19 PM IST

Anti Paper Leak Bill 2026 | Photo Credit: AI

HIGHLIGHTS
  • लोकसभा में पेश हुआ बिल
  • कड़े प्रावधान – 10 साल तक की सजा और करोड़ों का जुर्माना
  • तीन महीने में मुकदमे निपटाने का लक्ष्य

नयी दिल्ली: Anti Paper Leak Bill 2026 सरकार ने प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई के विषय पर विपक्षी सदस्यों के हंगामे के बीच प्रश्नपत्र लीक के खिलाफ कड़े प्रावधान वाला संशोधन विधेयक सोमवार को लोकसभा (Parliament Monsoon Session) में पेश किया। (Public Examinations Amendment Bill 2026) इस बीच, विपक्षी सदस्यों की नारेबाजी के कारण सदन की बैठक एक बार के स्थगन के बाद अपराह्न दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।

Anti Paper Leak Bill 2026 विपक्षी सदस्य दिल्ली में 20 जुलाई को प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस की कार्रवाई पर जवाबदेही तय करने और गृह मंत्री अमित शाह के जवाब की मांग करते हुए हंगाामा कर रहे थे। (Anti Paper Leak Law) लोकसभा की कार्यवाही एक बार के स्थगन के बाद जब दोपहर 12 बजे आरंभ हुई तो विपक्षी सदस्यों ने फिर से नारेबाजी शुरू कर दी। हंगामे के बीच ही कई आवश्यक कागजात सदन के पटल पर रखे गए।

प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने सदन में विपक्षी सदस्यों के हंगामे के बीच लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक, 2026 पेश किया। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने तृणमूल कांग्रेस सांसद सौगत रॉय, कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी और कुछ अन्य सदस्यों का नाम लिया और कहा कि क्या इस विधेयक को लेकर वे कुछ बोलना चाहते हैं। हालांकि, किसी विपक्षी सदस्य ने इस पर अपनी बात नहीं रखी।

बिरला ने कहा, ‘‘यह महत्वपूर्ण विधेयक है। विधेयक से सदन और देश की मंशा पर व्यापक चर्चा होगी। सभी दलों के लोग इस विषय पर बहुत दिनों से चर्चा की मांग कर रहे थे। यह सुधार का प्रथम कदम है। मैं सोचता हूं कि सदन में इस पर चर्चा हो, सभी अपने मत व्यक्त करें ताकि हम इस पर बात कर सकें कि किस तरह से इस विधेयक के माध्यम से पेपर लीक को रोकने का समुचित कदम उठा सकते हैं।’’

उन्होंने हंगामा कर रहे विपक्षी सदस्यों से कहा, ‘‘मैं इस पर पर्याप्त समय दूंगा। इस महत्वपूर्ण विधेयक पर सदन का सहयोग करें और विधेयक पर चर्चा करें।’’ हंगामा नहीं थमने पर बिरला ने दोपहर 12 बजकर आठ मिनट पर सदन की बैठक अपराह्न दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी।

10 साल तक के कारावास

लोकसभा सदस्यों को वितरित विधेयक की प्रति के अनुसार, परीक्षाओं में प्रश्नपत्र लीक करने या अनुचित साधनों का इस्तेमाल करने वाले व्यक्तियों को कम से कम पांच साल और अधिकतम 10 साल तक के कारावास तथा 50 लाख रुपये तक के जुर्माने की सजा हो सकती है। लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) अधिनियम, 2024 में संशोधन से संबंधित इस विधेयक में संगठित अपराधों के लिए कम से कम सात साल के कारावास और 10 करोड़ रुपये तक के जुर्माने का प्रस्ताव है।

प्रस्तावित संशोधनों के तहत सभी जांच दो महीने के भीतर पूरी करनी होंगी। विधेयक में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को त्वरित अदालतें स्थापित करने का निर्देश देने का भी प्रस्ताव है। ये अदालतें आरोपपत्र दाखिल किए जाने के तीन महीने के भीतर मुकदमे की कार्यवाही पूरी करेंगी। इससे पहले, प्रात: 11 बजे कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों के सदस्यों ने हंगामा किया जिसके कारण सदन की कार्यवाही शुरू होने के कुछ मिनट बाद ही दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी गई थी और आज भी प्रश्नकाल नहीं चल सका। बिरला ने आसन के समीप हंगामा कर रहे कुछ विपक्षी सदस्यों को कार्रवाई की चेतावनी देते हुए कहा कि ऐसे सदस्यों के खिलाफ कार्रवाई करनी होगी जो सदन की मर्यादाओं और परंपराओं को समाप्त करने का प्रयास कर रहे हैं।

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लोक परीक्षा संशोधन विधेयक, 2026 क्या है?

यह विधेयक पेपर लीक और अनुचित साधनों पर रोक लगाने के लिए बनाया गया है।

इस विधेयक में क्या सजा का प्रावधान है?

दोषियों को 5 से 10 साल तक की जेल और 50 लाख रुपये तक जुर्माना।

संगठित अपराधों के लिए क्या सजा होगी?

कम से कम 7 साल की जेल और 10 करोड़ रुपये तक जुर्माना।