उत्तर पूर्वी दिल्ली दंगों से जुड़ा हथियार तस्कर पुलिस के साथ मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार
उत्तर पूर्वी दिल्ली दंगों से जुड़ा हथियार तस्कर पुलिस के साथ मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार
नयी दिल्ली, 25 अगस्त (भाषा) दिल्ली पुलिस ने 40 वर्षीय एक कथित हथियार तस्कर को गिरफ्तार किया है, जिसने 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों में गोलीबारी करने के आरोपी शाहरुख पठान को पिस्तौल की आपूर्ति की थी। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
अधिकारियों ने बताया कि वह कथित तौर पर बंबीहा और कपिल सांगवान उर्फ नंदू गिरोह से जुड़े शूटर को भी हथियारों की आपूर्ति कर रहा था।
अधिकारी ने बताया कि मेरठ निवासी आरोपी वसीम उर्फ हाजी वसीम ने 16 अगस्त को नजफगढ़ के दीनपुर गांव में एक व्यक्ति के घर पर हुई गोलीबारी में शामिल शूटर को कथित तौर पर हथियारों की आपूर्ति की थी।
पुलिस के अनुसार, 24 अगस्त को रात 11.55 बजे मयूर विहार फ्लाईओवर की सर्विस रोड पर अक्षरधाम की ओर कार से जाते समय वसीम को रुकने का इशारा किया गया।
पुलिस टीम को देखकर उसने कथित तौर पर पिस्तौल निकाली और कर्मियों पर गोली चला दी। एहतियात के तौर पर दो पुलिसकर्मियों ने हवा में गोलियां चलाईं, जिसके बाद वसीम भागने की कोशिश करने लगा।
अधिकारियों ने बताया कि संक्षिप्त हाथापाई के बाद आरोपी को काबू कर लिया गया।
पुलिस ने बताया कि उसके पास से एक पिस्तौल, तीन कारतूस, कारतूस के दो खाली खोखे और अपराध में इस्तेमाल की गई कार बरामद की गई है।
पुलिस ने बताया कि उम्मेद सिंह के घर पर 16 अगस्त को हुई गोलीबारी की जांच के सिलसिले में इससे पहले तीन कथित शूटर – हरमनजीत सिंह (23), हर्षदीप सिंह उर्फ बिल्ला (22) और हरप्रीत सिंह को गिरफ्तार किया गया था।
पुलिस ने बताया कि तीनों को कथित तौर पर वसीम और उसके सहयोगी माजिद उर्फ अरमान से हथियार मिले थे। माजिद को 23 अगस्त को गिरफ्तार किया गया था। सीलमपुर निवासी 25 वर्षीय माजिद पर हत्या के प्रयास, लूट, झपटमारी और शस्त्र अधिनियम के अपराधों सहित 50 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं।
पुलिस ने बताया कि गोलीबारी कथित तौर पर कपिल सांगवान उर्फ नंदू और दिवंगत बल्लू पहलवान के परिवार के बीच पुरानी दुश्मनी और संपत्ति विवाद के कारण की गई थी।
आगे की जांच के दौरान, वसीम की हत्या के एक अन्य मामले में कथित संलिप्तता भी सामने आई।
पुलिस ने बताया कि उसने कथित तौर पर इस साल 27 जनवरी को सीलमपुर के ‘के-ब्लॉक’ में तारिक हसन की हत्या में इस्तेमाल किए गए हथियार की आपूर्ति की थी।
पुलिस ने यह भी दावा किया कि वसीम ही वह तस्कर है जिसने पठान को पिस्तौल की आपूर्ति की थी। पठान ने फरवरी 2020 में हुए दंगों के दौरान कथित रूप से गोलीबारी की थी और दिल्ली पुलिस के हेड कांस्टेबल दीपक दहिया पर पिस्तौल तान दी थी।
भाषा नोमान नोमान सुभाष
सुभाष

Facebook


