‘ऑपरेशन ब्लू स्टार’ के दौरान जब्त की गई सिख वस्तुओं को लेकर सेना, सीबीआई, केंद्र से जवाब तलब
‘ऑपरेशन ब्लू स्टार’ के दौरान जब्त की गई सिख वस्तुओं को लेकर सेना, सीबीआई, केंद्र से जवाब तलब
चंडीगढ़, 31 मार्च (भाषा) पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने ‘ऑपरेशन ब्लू स्टार’ के दौरान कथित तौर पर जब्त की गई और शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) को सौंपी गई पांडुलिपियों, धार्मिक ग्रंथों एवं अन्य वस्तुओं के खुलासे का निर्देश देने के अनुरोध वाली याचिका पर सेना, केंद्र और केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से जवाब तलब किया है।
मुख्य न्यायाधीश शील नागू और न्यायमूर्ति रमेश कुमारी की पीठ ने लुधियाना निवासी एक व्यक्ति की ओर से 2019 में दायर याचिका पर सोमवार को हुई सुनवाई के दौरान सेना, केंद्र और सीबीआई को नोटिस जारी किए।
याचिका में एसजीपीसी को यह बताने का निर्देश देने का अनुरोध किया गया है कि वे धार्मिक ग्रंथ, पांडुलिपियां और अन्य वस्तुएं कहां हैं, जिन्हें ‘ऑपरेशन ब्लू स्टार’ के दौरान कथित तौर पर जब्त किया गया था और एसजीपीसी को सौंप दिया गया था।
‘ऑपरेशन ब्लू स्टार’ एक जून से 10 जून 1984 के बीच जरनैल सिंह भिंडरांवाले के नेतृत्व वाले आतंकवादियों के खिलाफ चलाया गया एक सैन्य अभियान था, जो अमृतसर के स्वर्ण मंदिर परिसर में छिपे हुए थे।
नवंबर 2019 में उच्च न्यायालय ने केवल एसजीपीसी को ही नोटिस जारी किया था। हालांकि, बाद की सुनवाइयों के दौरान एसजीपीसी ने कहा कि कुछ वस्तुएं लौटा दी गई थीं और कुछ वस्तुएं अभी भी सीबीआई, केंद्र और सेना के पास हैं।
याचिकाकर्ता सतिंदर सिंह ने कहा कि ‘ऑपरेशन ब्लू स्टार’ के दौरान स्वर्ण मंदिर परिसर की सिख रेफरेंस लाइब्रेरी, तोशाखाना, केंद्रीय सिख संग्रहालय और गुरु रामदास पुस्तकालय से कई वस्तुएं जब्त की गई थीं।
सिंह ने सात जून 1984 को जब्त की गई पांडुलिपियों, कलाकृतियों और साहित्य की सूची तैयार करने का निर्देश देने का अनुरोध किया है। उसने एसजीपीसी को लौटाई गई पांडुलिपियों, धार्मिक ग्रंथों और अन्य वस्तुओं की सूची तैयार करने का निर्देश देने का भी आग्रह किया है।
याचिकाकर्ता ने यह भी अनुरोध किया है कि जब्त की गई पांडुलिपियों, धार्मिक ग्रंथों और अन्य वस्तुओं को पुस्तकालयों, केंद्रीय सिख संग्रहालय और स्वर्ण मंदिर परिसर में स्थित तोशाखाना को लौटा दिया जाए।
उसने कहा है कि जनता को दर्शन, पठन और अनुसंधान उद्देश्यों के लिए इन वस्तुओं तक पहुंच प्रदान की जाए।
उच्च न्यायालय ने प्रतिवादियों को नोटिस जारी करते हुए यह बताने को कहा है कि क्या ये वस्तुएं उनके पास हैं।
भाषा पारुल दिलीप
दिलीप

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