आईएसआई को गोपनीय दस्तावेज देने के आरोप में सेना का एक जवान गिरफ्तार

आईएसआई को गोपनीय दस्तावेज देने के आरोप में सेना का एक जवान गिरफ्तार

आईएसआई को गोपनीय दस्तावेज देने के आरोप में सेना का एक जवान गिरफ्तार
Modified Date: November 29, 2022 / 08:51 pm IST
Published Date: July 15, 2021 11:04 am IST

नयी दिल्ली, 15 जुलाई (भाषा) सेना के एक जवान सहित दो लोगों को पाकिस्तान खुफिया एजेंसी इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (आईएसआई) को गोपनीय दस्तावेज मुहैया कराने के आरोप में सरकारी गोपनीयता कानून के तहत गिरफ्तार किया गया है।

दिल्ली पुलिस ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सेना मुख्यालय ने पुष्टि की है कि संबंधित दस्तावेज गोपनीय थे।

इससे पहले पोखरण स्थित सेना के आधार शिविर में 34 वर्षीय एक सब्जी आपूर्तिकर्ता को पैसे के लिए सेना के एक जवान से संवेदनशील दस्तावेज प्राप्त करने और उन्हें आईएसआई को मुहैया कराने के लिए पकड़ा गया था। अधिकारियों ने बुधवार को बताया था कि सब्जी आपूर्तिकर्ता हबीब खान को दिल्ली पुलिस ने मंगलवार को राजस्थान के पोखरण से पकड़ा था।

दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा को जानकारी मिली थी कि रक्षा प्रतिष्ठान से जुड़े कुछ संवेदनशील दस्तावेज जासूसी नेटवर्क से पड़ोसी देश में भेजे जा रहे हैं।

पुलिस आयुक्त (अपराध) प्रवीर रंजन ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘ हमें हबीबुर रहमान नामक एक व्यक्ति की संलिप्तता के बारे में जानकारी मिली। इसके बाद हमारी टीम ने छापेमारी की और उचित सत्यापन के बाद उसे पोखरण से गिरफ्तार किया। उसके पास से कुछ गोपनीय दस्तावेज बरामद किए गए और उसके खिलाफ सरकारी गोपनीयता कानून के तहत एक मामला दर्ज किया गया।’

अधिकारी ने कहा कि जांच के दौरान पता लगा कि सेना का जवान परमजीत अपराध में सहयोगी था। वह पहले पोखरण में तैनात था और वहीं वह रहमान के संपर्क में आया जिसने गोपनीय दस्तावेज साझा करने को कहा।

पुलिस ने बताया कि परमजीत फिलहाल आगरा कैंट में क्लर्क के पद पर तैनात हैं और रहमान के रिश्तेदार पाकिस्तान के सिंध में रहते हैं तथा वह वहां गया था और वहां जासूसी गिरोह में शामिल कुछ लोगों से मिला था।

पुलिस ने कहा कि रहमान को दस्तावेज मुहैया कराने के लिए कहा गया था और इसके लिए पैसा हवाला नेटवर्क के जरिए भेजा गया था। उन्होंने कहा कि मामले में आगे की जांच चल रही है।

एक पुलिस अधिकारी ने कहा, “रहमान और परमजीत दोनों अवैध कार्य में शामिल पाए गए हैं। सेना मुख्यालय ने भी पुष्टि की है कि दोनों द्वारा मुहैया कराए गए दस्तावेज गोपनीय थे। ” उन्होंने कहा कि अपराध में इस्तेमाल किए गए कई बैंक खाते मिले हैं।

भाषा अविनाश पवनेश

पवनेश


लेखक के बारे में