Dharmendra Pradhan Resignation News : छात्र आंदोलन के बीच बड़ा अपडेट! इस्तीफे की मांग के बीच सरकार ने लिया बड़ा फैसला! धर्मेंद्र प्रधान को लेकर सूत्रों का दावा
देशभर में जारी छात्र आंदोलन और इस्तीफे की मांग के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। सूत्रों के हवाले से खबर है कि सरकार फिलहाल उनका इस्तीफा नहीं लेगी।
Dharmendra Pradhan Resignation News
- सूत्रों के अनुसार धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा नहीं होगा।
- छात्र आंदोलन के बीच लगातार उनके इस्तीफे की मांग उठ रही है।
- सरकार फिलहाल अपने रुख पर कायम बताई जा रही है।
नई दिल्ली : दिल्ली के जंतर-मंतर पर जारी छात्र आंदोलन और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के साथ केंद्र सरकार की दो घंटे चली बैठक के बाद इस वक़्त की एक बड़ी खबर सामने आ रही है। सूत्रों के मुताबिक, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा नहीं होगा।
दो घंटे तक चली थी बैठक
नीट पेपर लीक विवाद को लेकर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे CJP प्रतिनिधियों और जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह के बीच विट्ठल हाउस में हुई बैठक में CJP ने अपनी तीन मांगें रखी थीं। इनमें पीड़ित परिवारों को मुआवजा देने और छात्रों पर दर्ज FIR वापस लेने की मांग पर सरकार सहमत हो गई है। हालांकि, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर सरकार का रुख बिल्कुल साफ है।
3:30 बजे तक CJP ने दिया था आखिरी समय
सूत्रों के अनुसार, सरकार परीक्षा व्यवस्था में प्रशासनिक फेरबदल और सुधारों पर काम कर रही है, लेकिन राजनीतिक दबाव में आकर शिक्षा मंत्री का इस्तीफा लेने के पक्ष में नहीं है। CJP ने सरकार को इस मुद्दे पर अंतिम निर्णय लेने के लिए शनिवार दोपहर 3:30 बजे तक का समय दिया था।
पेपर लीक संशोधन विधेयक को मिली मंजूरी
Paper Leak Law in India: परीक्षा में पेपर लीक की घटनाओं पर सख्ती बढ़ाने की दिशा में केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। जानकारी के अनुसार, पेपर लीक संशोधन विधेयक (Paper Leak Amendment Bill) को केंद्रीय कैबिनेट से मंजूरी मिल गई है। पेपर लीक विवाद और छात्रों के जारी आंदोलन के बीच केंद्र सरकार ने शुक्रवार को केंद्रीय कैबिनेट (Modi Cabinet) से मंजूरी दी गई है। अब इस बिल को अगले सप्ताह संसद में पेश किए जाने की संभावना है।पेपर लीक संशोधन विधेयक में पेपर लीक जैसे गंभीर अपराधों के खिलाफ कड़े प्रावधान किए गए हैं। (Paper Leak Law) इस विधेयक के तहत दोषी पाए जाने वालों के लिए 10 साल तक की सजा 10 करोड़ का जुर्माना का प्रावधान होगा। परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ाना और नकल व पेपर लीक जैसी घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाने के लिए सरकार ने इस विधयेक को मंजूरी दी है।
पेपर लीक बिल संशोधन को मंजूरी, कानून मे संशोधन को कैबिनेट से मंजूरी…इधर CJP और सरकार के बीच बैठक खत्म..#PaperLeak #NEETPaperLeak #CabinetDecision #ModiCabinethttps://t.co/yd4pdyxlEw
— IBC24 News (@IBC24News) July 24, 2026
सरकार ने शिक्षा मंत्रालय के सचिव को हटाया
आपको बता दें कि इससे पहले मोदी सरकार ने देर रात ये नोटिस जारी करते हुए उच्च शिक्षा सचिव विनीत जोशी को पद से हटाकर पंचायती राज मंत्रालय भेज दिया है और उनकी जगह पर नरेश पाल गंगवार को उच्च शिक्षा विभाग का नया सचिव बनाया गया है। जो इससे पहले पशुपालन और डेयरी विभाग की जिम्मेदारी संभालते थे।
पेपर लीक की फास्ट ट्रैक कोर्ट में होगी सुनवाई
आपको बता दें कि पीएम मोदी ने गुरुवार को पेपर लीक मामले में बड़ा ऐलान किया है। पीएम मोदी ने पेपर लीक में शामिल लोगों को जल्द और कड़ी सजा दिलाने के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाने का फैसला लिया है। पीएम मोदी ने अपने सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट किया है। जिसमें उन्होंने लिखा है कि ‘हमारे युवाओं के कल्याण और भविष्य से ज्यादा जरूरी कुछ नहीं है! हमने पेपर लीक में शामिल लोगों को जल्द और कड़ी सजा दिलाने के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाने का फैसला किया है। संबंधित अधिकारियों और अधिकारियों को इस बारे में सभी जरूरी कदम उठाने का निर्देश दिया है। यह छात्रों के हितों की रक्षा के लिए हमारे कदमों की सीरीज जारी है.जो लोग हमारे युवाओं के भविष्य को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करेंगे, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा। देश के युवाओं का हित और उनका भविष्य हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।’
NEET UG Paper leak case | A Fast Track Court is set up at Rouse Avenue Court to try offences under the Public Examinations (Prevention of unfair means ) Act, 2024 and other related offences at Rouse Avenue.
The judge in charge of the Mediation Centre, Tis Hazari Court, Anu…
— ANI (@ANI) July 23, 2026
संबंधित अधिकारियों और विभागों को दिए निर्देश
पीएम मोदी ने बताया कि उन्होंने संबंधित अधिकारियों और विभागों को इस बारे में जरूरी निर्देश दे दिए हैं। उनसे कहा गया है कि वे इस फैसले को लागू करने के लिए सभी जरूरी कार्रवाई करें। प्रधानमंत्री ने इसे छात्रों के हित में सरकार द्वारा उठाए जा रहे कदमों की एक कड़ी बताया है। उन्होंने कहा कि यह फैसला छात्रों के हितों की सुरक्षा के लिए सरकार की लगातार चल रही कोशिशों का ही हिस्सा है।
Nothing is more important than the welfare and future of our youth!
We have decided to set up fast-track courts to ensure swift and stringent punishment for those involved in paper leaks. Have directed the concerned authorities and officials to take all necessary steps in this…
— Narendra Modi (@narendramodi) July 23, 2026
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