भितरकनिका राष्ट्रीय उद्यान में जल पक्षियों के आगमन से चहल-पहल बढ़ी

भितरकनिका राष्ट्रीय उद्यान में जल पक्षियों के आगमन से चहल-पहल बढ़ी

भितरकनिका राष्ट्रीय उद्यान में जल पक्षियों के आगमन से चहल-पहल बढ़ी
Modified Date: July 6, 2026 / 09:16 pm IST
Published Date: July 6, 2026 9:16 pm IST

केंद्रपाड़ा, छह जुलाई (भाषा) ओडिशा में दक्षिण-पश्मिन मानसून की दस्तक के साथ केंद्रपाड़ा जिले के भितरकनिका राष्ट्रीय उद्यान में हजारों की संख्या में स्थानीय जल पक्षियों का आगमन हो गया है। वन अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी।

अधिकारियों ने बताया कि बड़े पैमाने पर जल पक्षियों के आगमन को राज्य के सबसे बड़े ‘हेरनरी’ (बगुलों और अन्य जल पक्षियों का प्रजनन स्थल) में से एक में वार्षिक प्रजनन मौसम की शुरुआत का संकेत माना जाता है।

उन्होंने बताया कि जल पक्षी अलग-अलग झुंड में राष्ट्रीय उद्यान की दलदली आर्द्रभूमि एवं मैंग्रोव जंगलों में आने लगे हैं और मैंग्रोव के पेड़ों पर घोंसले बनाते हुए अपनी आवाज से पूरे इलाके को गुंजायमान कर रहे हैं।

वन अधिकारियों के मुताबिक, इस मौसमी जमावड़े ने जल पक्षियों के प्रमुख प्रजनन स्थल के रूप में भितरकनिका राष्ट्रीय उद्यान की पहचान की एक बार फिर पुष्टि की है।

सहायक वन संरक्षक मानस कुमार दास ने कहा, “मानसूनी बारिश के साथ स्थानीय प्रवासी नस्लें मौसमी घोंसले बनाने के लिए आने लगी हैं। वे अभी घोंसले बना रही हैं और जल्द ही अंडे देंगी। वापसी की यात्रा शुरू करने से पहले वे कम से कम तीन महीने तक यहां रहेंगी।”

दास ने बताया कि मैंग्रोव आर्द्रभूमि में जल पक्षियों के घोंसले बनाने की गतिविधियां तेज हो गई हैं और कई नस्लें घोंसले बनाने के लिए ताजी टहनियां और शाखाएं इकट्ठा कर रही हैं।

उन्होंने बताया कि कुछ घोंसलों में चूजे भी देखे जा सकते हैं, जबकि प्रजनन न करने वाले पक्षियों के बड़े झुंड आसपास की आर्द्रभूमि में खाना तलाश रहे हैं।

भाषा पारुल माधव

माधव


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