जयपुर में कृत्रिम मेधा आधारित यातायात प्रबंधन प्रणाली लागू होगी
जयपुर में कृत्रिम मेधा आधारित यातायात प्रबंधन प्रणाली लागू होगी
जयपुर, 13 जुलाई (भाषा) जयपुर की सड़कों को जाम और प्रदूषण से राहत दिलाने के लिए राजस्थान पुलिस जल्द ही कृत्रिम मेधा (एआई) आधारित अत्याधुनिक यातायात प्रबंधन प्रणाली लागू करेगी। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी।
अधिकारियों ने बताया कि जयपुर यातायात पुलिस ने ‘डेटा कोर इन्फोटेक’ के सहयोग से शहर के सबसे व्यस्त रामबाग चौराहे पर 39 दिन तक इस प्रणाली का परीक्षण किया, जिसके सफल रहने के बाद पुलिस आयुक्तालय ने इसे शहर के 423 चौराहों में से 253 प्रमुख चौराहों पर लागू करने का निर्णय लिया है।
पूरी परियोजना की निगरानी यातायात पुलिस उपायुक्त योगेश गोयल के नेतृत्व में की गई।
कंपनी के निदेशक बसंत गोस्वामी और ओजस शुक्ला ने बताया कि अभी तक चौराहों पर लाल और हरी बत्ती का समय पहले से निर्धारित रहता है, चाहे किसी मार्ग पर यातायात का दबाव कम हो और दूसरे मार्ग पर लंबा जाम लगा हो।
उन्होंने बताया नयी यातायात प्रबंधन प्रणाली इस व्यवस्था को बदल देगी।
उन्होंने बताया कि चौराहों पर लगाए गए कृत्रिम मेधा आधारित कैमरे चौबीसों घंटे वाहनों की संख्या और उनकी कतार की लंबाई का स्वतः आकलन करेंगे और जिस मार्ग पर यातायात का दबाव अधिक होगा, वहां हरी बत्ती की अवधि स्वतः बढ़ जाएगी, जबकि कम यातायात वाले मार्ग पर इसे घटा दिया जाएगा।
निदेशकों ने बताया कि इस प्रणाली के संचालन के लिए किसी यातायात पुलिसकर्मी के हस्तक्षेप की आवश्यकता नहीं होगी और यह पूरी तरह स्वचालित रूप से कार्य करेगी।
उन्होंने बताया कि इस साल तीन जून से 11 जुलाई के बीच रामबाग चौराहे पर किए गए परीक्षण में इस प्रणाली ने उल्लेखनीय परिणाम दिए।
उन्होंने कहा, ‘‘इस दौरान बिना किसी मानवीय हस्तक्षेप के 4.88 लाख से अधिक वाहनों की आवाजाही सुचारू रही। कृत्रिम मेधा आधारित नियंत्रण के कारण प्रत्येक लेन में वाहन चालकों का आठ से 45 सेकंड तक समय बचा तथा हरी बत्ती की औसत अवधि 33.63 सेकंड दर्ज की गई।’’
अधिकारियों ने कहा, ‘‘परीक्षण के दौरान प्रत्येक कैमरे ने प्रतिदिन लगभग 4,200 वाहनों की निगरानी की और तेज गति से वाहन चलाने, लाल बत्ती को पार करने तथा गलत दिशा में वाहन चलाने सहित करीब 450 यातायात नियम उल्लंघनों का स्वतः रिकॉर्ड तैयार किया।’’
उन्होंने कहा कि इस प्रणाली के लागू होने के बाद यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के लिए कार्रवाई से बच पाना कठिन हो जाएगा।
भाषा बाकोलिया खारी
खारी

Facebook


