ओडिशा सीआईडी-सीबी ने पाठ्यपुस्तकों में गड़बड़ियों के प्रकरण की जांच शुरू की, कई दल बनाये

ओडिशा सीआईडी-सीबी ने पाठ्यपुस्तकों में गड़बड़ियों के प्रकरण की जांच शुरू की, कई दल बनाये

ओडिशा सीआईडी-सीबी ने पाठ्यपुस्तकों में गड़बड़ियों के प्रकरण की जांच शुरू की, कई दल बनाये
Modified Date: July 13, 2026 / 11:01 pm IST
Published Date: July 13, 2026 11:01 pm IST

भुवनेश्वर, 13 जुलाई (भाषा) ओडिशा पुलिस की अपराध शाखा ने पहली से आठवीं कक्षाओं तक के विद्यार्थियों के लिए स्कूल की पाठ्यपुस्तकों में पाई गई बड़ी गलतियों के विभिन्न पहलुओं की जांच के लिए सोमवार को कई टीम गठित कीं। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

एक अधिकारी ने बताया कि जांच राज्य भर के विद्यार्थियों को उपलब्ध करायी गयी पाठ्यपुस्तकों की तैयारी, मंज़ूरी, छपाई और प्रकाशन पर केंद्रित होगी।

शिक्षक प्रशिक्षण और राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) की निदेशक मधुस्मिता साहू द्वारा अपराध शाखा के पुलिस अधीक्षक के समक्ष प्राथमिकी दर्ज कराये जाने के बाद, अपराध शाखा की ‘सीआईडी -सीबी (अपराध अन्वेषण विभाग-अपराध शाखा)’ ने मामला दर्ज किया था।

मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी के निर्देश के बाद परिषद ने शिकायत दर्ज करायी थी।

मुख्यमंत्री ने यह भी आरोप लगाया था कि राज्य में भाजपा सरकार को बदनाम करने के मकसद से स्कूली पाठ्यपुस्तकों में बड़े पैमाने पर हुई गलतियों के पीछे कोई साज़िश हो सकती है।

पाठ्यपुस्तकों में त्रुटियों, जिनमें वैज्ञानिक आइजैक न्यूटन को पायलट बताया गया था, को लेकर व्यापक आलोचना के बाद, माझी ने मामले की जांच के लिए विकास आयुक्त डी. के. सिंह की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया था।

सिंह की रिपोर्ट के आधार पर, राज्य सरकार ने पूर्व एससीईआरटी निदेशक और तीन सहायक निदेशकों को निलंबित कर दिया था।

इस बीच, विपक्षी बीजू जनता दल ने मुख्यमंत्री के साज़िश के आरोप पर सवाल उठाए और इसके लिए ज़िम्मेदार लोगों के बारे में जानकारी मांगी।

भाषा

राजकुमार वैभव

वैभव


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