इटानगर, 21 मई (भाषा) अरुणाचल प्रदेश सरकार ने राज्य भर के सभी अस्पतालों और स्वास्थ्य देखभाल संस्थानों को 19 मई से पूर्ण रूप से ‘तंबाकू मुक्त क्षेत्र’ घोषित कर दिया है।
राज्य के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण आयुक्त पवन कुमार सैन द्वारा बृहस्पतिवार को ‘सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम’ (कोटपा), 2003 के तहत यह निर्देश जारी किया गया। यह आदेश पूर्वोत्तर राज्य के सभी सरकारी और निजी स्वास्थ्य केंद्रों पर लागू होगा, जिसमें जिला अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी), प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी), उप-केंद्र और मेडिकल कॉलेज शामिल हैं।
आदेश के अनुसार, अस्पताल परिसरों के भीतर धूम्रपान, गुटखा, पान मसाला और चबाने वाले तंबाकू सहित सभी प्रकार के तंबाकू उत्पादों के सेवन पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया है। यह प्रतिबंध अस्पताल की इमारतों, वार्ड, कार्यालयों, गलियारों, पार्किंग क्षेत्रों, बगीचों और कैंटीनों पर लागू होगा।
विभाग ने स्वास्थ्य संस्थानों के 100 गज के दायरे में तंबाकू उत्पादों की बिक्री और वितरण पर रोक लगाने वाले ‘कोटपा’ के प्रावधान को भी दोहराया है।
नए उपायों के तहत, सभी स्वास्थ्य केंद्रों को प्रवेश द्वारों, प्रतीक्षा कक्षों और अन्य प्रमुख स्थानों पर ‘तंबाकू निषेध क्षेत्र’ और ‘तंबाकू जानलेवा है’ के सूचना फलक लगाने के निर्देश दिए गए हैं।
अस्पतालों को प्रवेश द्वारों पर संग्रह पेटियां रखने के निर्देश भी दिए गए हैं, जहां तंबाकू उत्पाद लेकर आने वाले आगंतुकों को परिसर में प्रवेश करने से पहले उन्हें जमा करना होगा।
आदेश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक संस्थान के चिकित्सा अधीक्षक और चिकित्सा अफसरों को ‘तंबाकू मॉनिटर’ नामित किया गया है।
उन्हें नियमों के उल्लंघन की रिपोर्ट करने और इन दिशानिर्देशों के क्रियान्वयन की निगरानी करने के लिए अधिकृत किया गया है।
भाषा सुमित नरेश
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