असम: 40 पूर्व नौकरशाहों ने चुनाव ड्यूटी का विरोध करने वाले वन रक्षकों को समर्थन दिया

असम: 40 पूर्व नौकरशाहों ने चुनाव ड्यूटी का विरोध करने वाले वन रक्षकों को समर्थन दिया

असम: 40 पूर्व नौकरशाहों ने चुनाव ड्यूटी का विरोध करने वाले वन रक्षकों को समर्थन दिया
Modified Date: April 1, 2026 / 12:48 am IST
Published Date: April 1, 2026 12:48 am IST

नयी दिल्ली, 31 मार्च (भाषा) असम में चुनाव संबंधी कार्यों के लिए 1,600 वनकर्मियों की तैनाती का छह पूर्व नौकरशाहों और वन्यजीव संरक्षणवादियों द्वारा विरोध किए जाने के दो दिन बाद मंगलवार को 40 सेवानिवृत्त नौकाशाहों के एक अन्य समूह ने राज्य सरकार से इस आदेश को वापस लेने की मांग की।

असम के पर्यावरण विभाग द्वारा 19 मार्च को जारी आदेश में असम वन सुरक्षा बल (एएफपीएफ) के कर्मियों को नौ अप्रैल को होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए राज्य पुलिस की सहायता के लिए तैनात करने का निर्देश दिया गया था।

समूह ने एक खुले पत्र में कहा, “भारतीय निर्वाचन आयोग के दिशानिर्देश स्पष्ट रूप से बताते हैं कि प्रादेशिक वन बलों और भारतीय वन सेवा (आईएफएस) के वरिष्ठ अधिकारी सहित सेवारत वन अधिकारियों को चुनाव संबंधी कार्यों में नहीं लगाया जाना चाहिए या तैनात नहीं किया जाना चाहिए। ”

पत्र में उच्चतम न्यायालय के 2024 में दिये उस आदेश का भी उल्लेख किया गया, जिसमें वन संबंधी कार्यों की विशिष्ट एवं आवश्यक प्रकृति को मान्यता दी गई थी और वन अधिकारियों तथा वन विभाग के वाहनों को चुनावों के लिए तैनात करने से छूट दी गई थी।

पत्र के मुताबिक, “पर्यावरण विभाग के इस निर्देश के विपरीत कोई भी प्रशासनिक कार्रवाई उच्चतम न्यायालय के निर्देशों का गंभीर उल्लंघन है और इससे राज्य सरकार बाध्यकारी आदेशों का पालन न करने के लिए संभावित न्यायिक जांच के दायरे में आ सकती है।”

भाषा जितेंद्र अमित

अमित


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