असम, सात फरवरी (भाषा) असम मंत्रिमंडल ने हाल ही में एक रैली के दौरान महिलाओं के प्रति को कथित तौर पर ‘आपत्तिजनक इशारे’ करने के मामले में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं देबब्रत सैकिया, भूपेन कुमार बोरा और मीरा बोरठाकुर के खिलाफ मामला दर्ज करने का निर्देश पुलिस को दिया है। मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने यह जानकारी दी।
शर्मा ने मंत्रिमंडल की बैठक के बाद संवाददाताओं से कहा, ‘‘यह इशारा असम की महिलाओं का सामूहिक अपमान था। मैंने उनकी भाव-भंगिमाएं देखीं, वह बहुत ही खराब थी। कोई भी सामान्य नेता या सज्जन व्यक्ति किसी महिला को इस तरह के इशारे नहीं करेगा।’’
उन्होंने कहा कि मंत्रिमंडल ने पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को उचित कानूनी प्रावधानों के तहत कांग्रेस नेताओं के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करने का निर्देश देने का फैसला किया है।
इससे पहले दिन में शर्मा ने एक सरकारी कार्यक्रम के इतर संवाददाताओं से बातचीत में कहा था कि कांग्रेस को राज्य इकाई के पूर्व अध्यक्ष बोरा और विधानसभा में विपक्ष के नेता सैकिया को ‘महिलाओं का अपमान’ करने के लिए पार्टी से निष्कासित कर देना चाहिए।
बोरठाकुर राज्य महिला कांग्रेस की अध्यक्ष हैं और रैली के दौरान अन्य दो नेताओं के साथ मौजूद थीं।
शर्मा ने दावा किया था कि कुछ दिन पहले गुवाहाटी में कांग्रेस की राज्यव्यापी रैली के लिए इस्तेमाल की जा रही बस के ऊपर से आपत्तिजनक इशारे किए गए थे।
उन्होंने कहा कि यह इशारे सभी असमिया लड़कियों और महिलाओं के लिए किये गये थे।
शर्मा ने कहा, “अगर पार्टी (कांग्रेस) उन्हें (बोरा और सैकिया को) निष्कासित नहीं करती है, तो मुझे नहीं लगता कि वे कहीं भी जा पाएंगे। यह सभी महिलाओं का मामला है, किसी विशेष जाति का नहीं।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने वीडियो क्लिप को महिला आयोग को भेजने का निर्देश दिया है ताकि इस पर संज्ञान लिया जा सके।
उन्होंने कहा, “मैं कल्पना भी नहीं कर सकता कि विपक्ष का कोई नेता, पार्टी का पूर्व अध्यक्ष, इस तरह का इशारा करे, वह भी तब जब मीरा बोरठाकुर (कांग्रेस की राज्य महिला इकाई की अध्यक्ष) उनके साथ थीं।”
शर्मा ने कहा कि इस मामले पर कैबिनेट बैठक में चर्चा की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने स्थानीय मीडिया द्वारा इस घटना की रिपोर्ट न किए जाने पर आश्चर्य व्यक्त किया और दावा किया कि उन्हें यह क्लिप नई दिल्ली के एक परिचित ने भेजी थी।
शर्मा ने बताया कि राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई के कथित पाकिस्तानी संबंधों के मामले को गृह मंत्रालय को सौंपने का भी फैसला लिया गया है।
उन्होंने कहा कि इस मामले में ‘‘तीन प्रमुख किरदार’’ एक सांसद, उनकी ब्रिटिश पत्नी और पाकिस्तानी नागरिक अली तौकीर शेख हैं।
शर्मा और सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) प्रदेश कांग्रेस के प्रमुख गोगोई पर उनकी पत्नी के पाकिस्तान की जासूसी एजेंसी आईएसआई से कथित संबंधों को लेकर हमला कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री के मुताबिक मंत्रिमंडल ने शनिवार की बैठक में 8वें राज्य वेतन आयोग के गठन को मंजूरी देने के साथ-साथ विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों के लिए भूमि आवंटन को भी मंजूरी दी।
भाषा धीरज प्रशांत
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