असम मंत्रिमंडल ने 18 वर्ष से अधिक आयु के लोगों को आधार जारी नहीं करने का फैसला किया

असम मंत्रिमंडल ने 18 वर्ष से अधिक आयु के लोगों को आधार जारी नहीं करने का फैसला किया

असम मंत्रिमंडल ने 18 वर्ष से अधिक आयु के लोगों को आधार जारी नहीं करने का फैसला किया
Modified Date: June 13, 2026 / 09:36 pm IST
Published Date: June 13, 2026 9:36 pm IST

(तस्वीर के साथ)

गुवाहाटी, 13 जून (भाषा) असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने शनिवार को कहा कि मंत्रिमंडल ने अवैध प्रवासियों को आधार कार्ड हासिल करने से रोकने के लिए 18 वर्ष से अधिक आयु वाले लोगों को यह कार्ड जारी नहीं करने का फैसला किया है।

शर्मा ने मंत्रिमंडल की बैठक की अध्यक्षता करने के बाद यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा कि असाधारण मामलों में आधार कार्ड जारी करने की अनुमति के लिए जिला आयुक्त को राज्य सरकार को प्रस्ताव भेजना होगा।

मुख्यमंत्री ने संवाददाताओं को बताया कि इसके बाद सरकार यह फैसला करेगी कि आवेदक आधार कार्ड के लिए पात्र है या नहीं।

शर्मा ने कहा कि राज्य में आधार कार्ड जारी करने की प्रक्रिया ऐसी स्थिति में पहुंच गई है, जहां लगभग सभी पात्र लोगों को आधार कार्ड जारी किए जा चुके हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘कुछ जिलों में यह आंकड़ा 100 प्रतिशत से भी अधिक हो गया है और हमें यह पता लगाना होगा कि ये लोग कौन हैं, जो अतिरिक्त आधार कार्ड बनवा रहे हैं।’’

शर्मा ने कहा कि यह कदम यह सुनिश्चित करने के लिए उठाया जा रहा है कि किसी भी अवैध बांग्लादेशी को आधार कार्ड न मिले।

चाय बागान समुदाय और अनुसूचित जनजातियों के लोगों को हालांकि आधार कार्ड जारी किए जाते रहेंगे, क्योंकि इनमें से कई लोगों को अब तक आधार कार्ड नहीं मिले हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘हालांकि, एक अप्रैल, 2027 से यह रोक पूरी तरह लागू हो जाएगी और उस तारीख से इन समुदायों के भी 18 वर्ष से अधिक आयु के लोगों को आधार कार्ड जारी नहीं किए जाएंगे।’’

हालांकि, 18 वर्ष से कम आयु वाले लोगों को आधार कार्ड जारी किए जाते रहेंगे।

शर्मा ने पहले कहा था कि राज्य सरकार आधार कार्ड जारी करने के मामले में ‘‘बहुत सख्ती’’ बरतेगी और असम में यह दस्तावेज हासिल करना आसान नहीं होगा।

उन्होंने पिछले साल कहा था कि असम सरकार बांग्लादेश से अवैध आव्रजन पर रोक लगाने के अपने प्रयासों के तहत वयस्कों को आधार कार्ड जारी करने के लिए कड़े नियम बनाने पर विचार कर रही है।

उच्चतम न्यायालय ने चार मई को एक फैसले में कहा था कि सिर्फ छह साल तक की उम्र के नागरिकों के लिए नए आधार कार्ड जारी करने के लिए कानूनी दखल और मौजूदा कानूनी ढांचे में उचित बदलाव की जरूरत है।

भारत के प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ ने एक जनहित याचिका पर सुनवाई के बाद यह फैसला सुनाया था। इस याचिका में भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) को निर्देश देने का अनुरोध किया गया था कि वह केवल छह साल तक की उम्र के नागरिकों के लिए ही नए आधार कार्ड जारी करे।

शर्मा ने शनिवार को कहा कि मंत्रिमंडल ने राज्य में ‘वीबी जी राम जी अधिनियम’ के लिए एक कार्य ढांचा लागू करने को भी मंजूरी दे दी है। उन्होंने कहा कि इसे एक जुलाई से लागू किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि इसके लिए 2,000 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है और नए ग्रामीण रोजगार सृजन कानून के तहत प्रत्यक्ष मजदूरी वाले रोजगार के लिए 125 मानव-दिवस उपलब्ध कराए जाएंगे।

शर्मा ने कहा कि इस कानून के तहत रोजगार देने के अलावा, मानव दिवसों से परिसंपत्तियों के निर्माण पर भी जोर दिया जाएगा।

कैबिनेट ने महानगर और उसके आसपास उपग्रह शहरों की योजना बनाने, उनके लिए निधि जुटाने और उन्हें विकसित करने के लिए गुवाहाटी सैटेलाइट सिटीज़ डेवलपमेंट अथॉरिटी (जीएससीडीए) बनाने को भी मंज़ूरी दी।

यह गुवाहाटी मेट्रोपॉलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी के अधिकार क्षेत्र में होगा।

मुख्यमंत्री ने बताया कि बैठक में यह भी तय किया गया कि अब आईएएस जैसी अखिल भारतीय सेवाओं के अधिकारियों को केंद्र और अंतर-राज्यीय प्रतिनियुक्ति के लिए ‘अनापत्ति प्रमाणपत्र’ (एनओसी) जारी करने के वास्ते मंत्रिमंडल की मंजूरी जरूरी होगी।

शर्मा ने कहा कि असम विधानसभा का बजट सत्र छह जुलाई को बुलाया जाएगा और बजट पेश करने की सही तारीख का ऐलान जल्द ही किया जाएगा।

भाषा प्रशांत सुरेश

सुरेश


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