(सुष्मिता गोस्वामी)
गुवाहाटी, चार अप्रैल (भाषा) असम पुलिस विधानसभा चुनाव से पहले सोशल मीडिया पर कड़ी नजर रख रही है और एक विशेष प्रकोष्ठ यह सुनिश्चित कर रहा है कि भ्रामक या कानून-व्यवस्था बिगाड़ने वाली सामग्री पर तुरंत कार्रवाई हो। एक वरिष्ठ अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि पुलिस के अपराध जांच विभाग (सीआईडी) के तहत गठित विशेष प्रकोष्ठ ने उन मामलों में 100 प्रतिशत सामग्री हटवायी है जहां शिकायतें प्राप्त हुई थीं या स्वतः संज्ञान लेते हुए कार्रवाई शुरू की गई थी।
सीआईडी के विशेष पुलिस महानिदेशक (एसडीजीपी) मुन्ना प्रसाद गुप्ता ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, ‘‘सामान्य समय में भी फर्जी खबर, मानहानिकारक पोस्ट या कानून-व्यवस्था को प्रभावित करने वाली सामग्री हटाने के कानूनी प्रावधान हैं, लेकिन चुनाव के दौरान यह और अधिक महत्वपूर्ण हो जाता है।’’
उन्होंने बताया कि यह विशेष प्रकोष्ठ फर्जी समाचारों, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई)-जनित सामग्री और आपत्तिजनक पोस्ट पर खासतौर से नजर रख रहा है।
बीस मार्च से सक्रिय इस प्रकोष्ठ ने 29 मार्च तक 17 मामलों में कार्रवाई की, जिनमें 27 सोशल मीडिया प्रोफाइल और हैंडल शामिल थे। इस दौरान एक प्राथमिकी दर्ज की गई और मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया गया। अधिकारियों के अनुसार, जिन मामलों में शिकायत मिली या स्वतः संज्ञान लिया गया, उनमें 100 प्रतिशत सामग्री हटाने में सफलता मिली है।
गुप्ता ने कहा, ‘‘शिकायतें केंद्रीय और जिला स्तर दोनों से प्राप्त होती हैं, साथ ही पुलिस कर्मी खुद भी सोशल मीडिया पर नजर रखते हैं।’’
उन्होंने बताया कि अधिकतर मामलों में चुनाव में उम्मीदवारों की छवि खराब करने या चरित्र हनन से जुड़ी सामग्री सामने आई है।
फर्जी खबरों से निपटने के लिए निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों का पालन किया जा रहा है। सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक सामग्री मिलने पर तत्काल कार्रवाई की जाती है।
अधिकारी ने बताया कि सोशल मीडिया मंच भी ऐसे मामलों में त्वरित प्रतिक्रिया दे रहे हैं, जिससे चुनाव के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने में मदद मिल रही है।
भाषा गोला सुरभि
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