BJP Attacks on Aam Admi Party: ‘केजरीवाल भयानक कपटीवाल है.. शहंशाह के मर्जी के खिलाफ जो गया, वह नहीं रहेगा”.. राघव मामले में BJP के निशाने पर आप.

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BJP Attacks on Aam Admi Party: राघव चड्ढा पर कार्रवाई के बाद भाजपा का केजरीवाल पर हमला, अजय आलोक ने पार्टी को बताया ‘शहंशाह मॉडल’।

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  • Publish Date - April 4, 2026 / 02:05 PM IST,
    Updated On - April 4, 2026 / 02:05 PM IST

BJP Attacks on Aam Admi Party || Image- ANI News File

HIGHLIGHTS
  • भाजपा ने केजरीवाल पर साधा निशाना
  • अजय आलोक ने AAP पर उठाए सवाल
  • राघव चड्ढा हटाने पर बढ़ा विवाद

नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा के खिलाफ हुई कार्रवाई को भाजपा भले ही पार्टी का आंतरिक मामला मानती हो लेकिन दूसरी तरफ पार्टी के मुखिया अरविन्द केजरीवाल भगवा दल के नेताओं के निशाने पर है। (BJP Attacks on Aam Admi Party) भाजपा के नेता लगातार दिल्ली के पूर्व सीएम और आप के मुखिया अरविन्द केजरीवाल पर हमला बोल रहे है।

“केजरीवाल पार्टी के शहंशाह है” : अजय आलोक, भाजपा

इसी कड़ी में बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता अजय आलोक ने अरविन्द केजरीवाल को निशाने पर लिया है। आलोक ने दावा किया कि, जब कपिल मिश्रा को पार्टी से हटाया गया तो राघव चड्ढा हंस रहे थे, कपिल मिश्रा को हटाया तब भी राघव चड्ढा हंस रहे थे। वही आज जब राघव चड्ढा को हटाया गया तो सब हंस रहे है। अजय आलोक ने कहा कि, यह कोई पार्टी नहीं है। केजरीवाल शहंशाह है और जो भी शहंशाह के मर्जी के खिलाफ जाएगा वह पार्टी में रह नहीं सकता है।

गौरतलब हैं कि, आम आदमी पार्टी (आप) के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा पर पार्टी की तरफ से बड़ी कार्रवाई की गई है। (BJP Attacks on Aam Admi Party) देश के ज्वलंत मुद्दे और भाजपा व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ मुद्दे सदन में नहीं उठाने के आरोपों के साथ राज्यसभा के उपनेता के पद से हटा दिया गया था।

आप नेताओं ने लगाए राघव चड्ढा पर आरोप

इस फैसले का आम आदमी पार्टी के कई दिग्गज नेताओं ने समर्थन किया था। पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी मर्लेना, सौरभ भारद्वाज और सांसद संजय सिंह ने भी वीडियो जारी करते हुए राघव चड्ढा पर पंजाब से जुड़े सवाल नहीं करने और और अपना सॉफ्ट पीआर तैयार करने के आरोप लगाए थे।

हालांकि इन सबके बीच आप के ही एक अन्य सांसद नारायण दास गुप्ता ने राघव चड्ढा का समर्थन करते हुए कहा है कि, चड्ढा ने राज्यसभा में पंजाब से संबंधित मामलों के बजाय “आम आदमी के मुद्दों” को उठाया। उन्होंने कहा कि, चड्ढा शून्यकाल का सक्रिय रूप से उपयोग करके जनहित के मुद्दे उठाते थे, लेकिन ये मुद्दे पार्टी की प्राथमिकताओं के अनुरूप नहीं होते थे, खासकर जब पंजाब में अगले साल चुनाव होने वाले हैं।

सांसद ने समझाई शून्यकाल की अवधारणा

शून्यकाल की अवधारणा को समझाते हुए गुप्ता ने कहा कि यह किसी भी सदस्य को पार्टी की पूर्व स्वीकृति के बिना लगभग तीन मिनट तक कोई मुद्दा उठाने की अनुमति देता है। (BJP Attacks on Aam Admi Party) उन्होंने कहा, “शून्यकाल किसी भी सदस्य को पार्टी की अनुमति के बिना लगभग तीन मिनट तक कोई मुद्दा उठाने की अनुमति देता है। वे बस अध्यक्ष से अनुरोध करते हैं, जो तब उन्हें समय देने या न देने का निर्णय लेते हैं।”

चड्ढा को उपनेता पद से हटाए जाने पर गुप्ता ने स्पष्ट किया कि ऐसे निर्णय पार्टी की आंतरिक प्रक्रियाओं का हिस्सा हैं और इनमें बदलाव हो सकता है। उन्होंने कहा, “उपनेता पद के संबंध में ऐसा कुछ नहीं होता। निर्णय पार्टी के भीतर ही लिए जाते हैं; यह क्रम बदलता रहता है। किसी भी प्रकार की कोई पाबंदी नहीं है। हमने ऐसी कोई पार्टी नीति निर्धारित नहीं की है।” उन्होंने आगे कहा कि अध्यक्ष की अनुमति मिलने पर चड्ढा को सदन में बोलने की स्वतंत्रता बनी हुई है। गुप्ता ने कहा, “यदि वह बोलना चाहते हैं, तो वह अध्यक्ष से अनुरोध कर सकते हैं और आमतौर पर वह शून्यकाल में ही मुद्दे उठाते थे।”

राघव चड्ढा ने जारी किया था वीडियो

बता दें कि, राज्यसभा में पार्टी के उपनेता पद से हटाए जाने के बाद आम आदमी पार्टी पर सीधा हमला करते हुए, AAP सांसद राघव चड्ढा ने कहा कि संसद में उनकी चुप्पी को हार नहीं समझा जाना चाहिए। शुक्रवार को X पर एक पोस्ट में, चड्ढा ने संसद में बोलने से रोके जाने के पीछे के कारणों पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि वे लगातार आम लोगों को प्रभावित करने वाले मुद्दों को उठाते हैं और पूछा कि क्या ऐसा करना किसी प्रकार का अपराध है। “जब भी मुझे संसद में बोलने का मौका मिलता है, मैं जनहित के मुद्दे उठाता हूं। और शायद मैं ऐसे विषय भी उठाता हूं जो आमतौर पर संसद में नहीं उठाए जाते। (BJP Attacks on Aam Admi Party) लेकिन क्या जनहित के मुद्दे उठाना अपराध है? क्या मैंने कोई अपराध किया है? क्या मैंने कोई गलती की है? क्या मैंने कुछ गलत किया है?”

सूत्रों के अनुसार, राज्यसभा सचिवालय ने गुरुवार को आम आदमी पार्टी के सांसद राघव चड्ढा के जन विश्वास संशोधन विधेयक पर बोलने के अनुरोध को यह कहते हुए अस्वीकार कर दिया कि पार्टी ने उनके लिए समय आवंटित नहीं किया है। आम आदमी पार्टी द्वारा राज्यसभा सचिवालय को एक आधिकारिक पत्र भेजकर सूचित करने के बाद यह घटना सामने आई है कि अशोक कुमार मित्तल उच्च सदन में आम आदमी पार्टी के नए उपनेता होंगे। सदन में आम आदमी पार्टी के उपनेता के रूप में मित्तल ने राघव चड्ढा की जगह ली है। राघव चड्ढा अप्रैल 2022 से सांसद हैं। संसद में सार्वजनिक मुद्दों को उठाने के कारण वे कई बार सुर्खियों में रहे हैं।

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Q1. भाजपा ने अरविंद केजरीवाल पर क्या आरोप लगाए?

उत्तर: भाजपा ने कहा कि केजरीवाल पार्टी को एक व्यक्ति के नियंत्रण में चला रहे हैं।

Q2. अजय आलोक ने राघव चड्ढा मामले पर क्या कहा?

उत्तर: उन्होंने कहा कि पार्टी में शहंशाह की मर्जी के खिलाफ कोई टिक नहीं सकता।

Q3. राघव चड्ढा को पद से क्यों हटाया गया?

उत्तर: उन पर पार्टी लाइन के मुद्दे न उठाने और अलग एजेंडा चलाने के आरोप लगे।