केरल, असम और पुडुचेरी में हुए विधानसभा चुनावों ने विश्वभर का ध्यान आकृष्ट किया: निर्वाचन आयोग

केरल, असम और पुडुचेरी में हुए विधानसभा चुनावों ने विश्वभर का ध्यान आकृष्ट किया: निर्वाचन आयोग

केरल, असम और पुडुचेरी में हुए विधानसभा चुनावों ने विश्वभर का ध्यान आकृष्ट किया: निर्वाचन आयोग
Modified Date: April 11, 2026 / 06:57 pm IST
Published Date: April 11, 2026 6:57 pm IST

तिरुवनंतपुरम/नयी दिल्ली, 11 अप्रैल (भाषा) निर्वाचन आयोग ने शनिवार को कहा कि केरल, पुडुचेरी और असम में हुए विधानसभा चुनावों ने विश्वभर का ध्यान आकर्षित किया है। आयोग ने कहा कि 22 देशों के 38 प्रतिनिधियों ने भारत में चुनावी प्रक्रिया को प्रत्यक्ष रूप से देखा।

निर्वाचन आयोग ने एक बयान में कहा कि प्रतिनिधियों ने निर्वाचन आयोग के ‘अंतरराष्ट्रीय चुनाव आगंतुक कार्यक्रम (आईईवीपी)-2026’ के तहत भारत की चुनावी प्रक्रिया के पैमाने, सटीकता और जीवंतता को देखा।

बयान में कहा गया कि प्रतिनिधियों ने अपने अनुभव के आधार पर इसे ‘लोकतंत्र का एक सच्चा उत्सव’ बताया और रिकॉर्ड मतदाता भागीदारी, सावधानीपूर्वक तैयार की गई योजना और निर्वाचन आयोग द्वारा सुचारु रूप से चुनावों के संचालन की प्रशंसा की।

क्रोएशिया के ब्रानिमीर फरकास ने बयान में कहा, ‘‘भारतीय मतदान, यह पूरी दुनिया के लिए लोकतंत्र का एक सच्चा उत्सव है… मेरे लिए सबसे अधिक प्रेरणादायक, लोगों में मतदान के प्रति उत्साह है। हम इस प्रक्रिया से केवल सीख सकते हैं; यह एक विशाल प्रक्रिया है और इसे सही ढंग से संपन्न किया गया।’’

बयान में कहा गया कि अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधिमंडल ने आठ और नौ अप्रैल को असम, केरल और पुडुचेरी की अपनी दो-दिवसीय यात्रा की शुरुआत प्रेषण और वितरण केंद्रों का दौरा करके की, जहां उन्होंने सुनियोजित परिवहन और स्थापित मानक संचालन प्रक्रियाओं के माध्यम से मतदान दलों की भागीदारी और चुनाव सामग्री की व्यवस्थित आवाजाही का अवलोकन किया।

इसमें कहा गया है, ‘‘उन्होंने सीईओ कार्यालयों में मतदान केंद्रों की 100 प्रतिशत वेबकास्टिंग की निगरानी के लिए स्थापित सीसीटीवी नियंत्रण कक्षों का भी दौरा किया और उन्हें ‘पारदर्शिता का एक मजबूत स्तंभ’ बताया।’’

बयान में कहा गया है कि आईईवीपी चुनाव प्रबंधन निकायों (ईएमबी) और अंतरराष्ट्रीय संगठनों के साथ अंतरराष्ट्रीय सहयोग और जुड़ाव को बढ़ावा देने के उद्देश्य से निर्वाचन आयोग की एक प्रमुख पहल है।

भाषा संतोष सुरेश

सुरेश


लेखक के बारे में