डेंटल कॉलेज के छात्र की मौत के मामले में एसोसिएट प्रोफेसर जमानत पर रिहा

डेंटल कॉलेज के छात्र की मौत के मामले में एसोसिएट प्रोफेसर जमानत पर रिहा

डेंटल कॉलेज के छात्र की मौत के मामले में एसोसिएट प्रोफेसर जमानत पर रिहा
Modified Date: April 27, 2026 / 07:24 pm IST
Published Date: April 27, 2026 7:24 pm IST

कन्नूर (केरल), 27 अप्रैल (भाषा) कन्नूर डेंटल कॉलेज की एक एसोसिएट प्रोफेसर और जाति को लेकर कथित तौर पर प्रताड़ित किए जाने के कारण एक छात्र की मौत मामले से जुड़ी आरोपी डॉ. संगीता नांबियार को सोमवार को यहां जांच टीम के सामने पेश होने के बाद जमानत पर रिहा कर दिया गया। पुलिस ने यह जानकारी दी।

कन्नूर डेंटल कॉलेज, अंजरकंडी में ‘ओरल पैथोलॉजी’ विभाग की एसोसिएट प्रोफेसर और बीडीएस प्रथम वर्ष के छात्र नितिन राज की मौत से जुड़े मामले में दूसरी आरोपी डॉ. संगीता नांबियार (56) आज सुबह कन्नूर के सहायक पुलिस आयुक्त के समक्ष पेश हुईं।

शनिवार को कन्नूर जिला और सत्र न्यायालय ने नांबियार को अग्रिम जमानत दे दी, जबकि मुख्य आरोपी एवं विभाग के प्रमुख डॉ. एम. के. राम को जमानत देने से इनकार कर दिया।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि नांबियार अपने वकील के साथ एसीपी के सामने पेश हुईं।

अधिकारियों ने बताया कि बयान दर्ज करने के बाद पुलिस ने उन्हें औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया और अदालत के निर्देशानुसार जमानत पर रिहा कर दिया।

पुलिस ने कहा कि राम की तलाश अब भी जारी है।

अग्रिम जमानत याचिका पर विचार करते हुए अदालत ने यह टिप्पणी की थी कि पुलिस जांच में अब तक नांबियार के खिलाफ कोई सबूत सामने नहीं आया है।

अदालत ने आदेश दिया था कि गिरफ्तारी की स्थिति में 50,000 रुपये का बॉन्ड और दो सक्षम जमानतदार पेश करने पर उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया जाए।

अदालत ने उन्हें यह भी निर्देश दिया कि वह तीन महीने तक हर शनिवार सुबह नौ बजे से अपराह्न एक बजे के बीच जांच अधिकारी के सामने पेश हों।

कन्नूर जिले के अंजरकंडी में स्थित एक निजी डेंटल कॉलेज में बीडीएस प्रथम वर्ष का छात्र नितिन राज 10 अप्रैल को एक इमारत से गिरने के बाद गंभीर रूप से घायल पाया गया था और बाद में चोटों के कारण उसकी मौत हो गई।

कन्नूर पुलिस ने शुरू में बीडीएस छात्र की अप्राकृतिक मौत का मामला दर्ज किया था और बाद में दो संकाय सदस्यों (डॉ. राम और डॉ. संगीता नांबियार) पर आत्महत्या के लिए उकसाने और एससी/एसटी (अत्याचार निवारण) अधिनियम के प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया। यह कार्रवाई छात्र के परिजनों के उन आरोपों के बाद की गई, जिनमें कहा गया था कि छात्र को जाति और रंग के आधार पर प्रताड़ित किया गया था।

भाषा

शुभम माधव

माधव


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