थाडौ समूह के नेता के आवास पर हमला मणिपुर की एकता के लिए चुनौती: मुख्यमंत्री

थाडौ समूह के नेता के आवास पर हमला मणिपुर की एकता के लिए चुनौती: मुख्यमंत्री

थाडौ समूह के नेता के आवास पर हमला मणिपुर की एकता के लिए चुनौती: मुख्यमंत्री
Modified Date: August 27, 2024 / 09:24 pm IST
Published Date: August 27, 2024 9:24 pm IST

इंफाल, 27 अगस्त (भाषा) मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने चुराचांदपुर जिले में हथियारबंद हमलावरों द्वारा भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता और थाडौ समुदाय के सदस्य माइकल लामजाथांग हाओकिप के आवास पर किए गए हमले की मंगलवार को निंदा की।

सिंह ने कहा कि हाओकिप के घर पर हमला राज्य की एकता और अखंडता के लिए सीधी चुनौती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘मणिपुर की सबसे पुरानी मूल जनजातियों में से एक थाडौ समुदाय के नेता और भाजपा प्रवक्ता माइकल लामजाथांग के घर पर तोड़फोड़ करके उनके परिवार के सदस्यों पर हमला कायरतापूर्ण कृत्य है।’’

थाडौ कुकी की सबसे बड़ी उप-जनजातियों में से एक है। सिंह ने कहा, ‘‘मैं इस तरह के हमले को राज्य की एकता और अखंडता के लिए प्रत्यक्ष चुनौती मानता हूं। मणिपुर की मान्यता प्राप्त जनजातियों के किसी भी समुदाय पर हमले के साथ-साथ भाजपा प्रवक्ता के परिवार पर हमले की कड़े शब्दों में निंदा की जाती है।’’

चुराचांदपुर जिले के पेनियल गांव में हाओकिप के घर पर रविवार रात को हमला किया गया। यह हमला स्थानीय टीवी चैनल पर ‘‘कुकी वर्चस्व और उसका एजेंडा’’ विषय पर सामूहिक परिचर्चा में हाओकिप के भाग लेने के कुछ घंटों बाद हुआ।

इस महीने की शुरुआत में मुख्यमंत्री ने विधानसभा में कहा था कि वह थाडौ समूह के लोगों को इंफाल घाटी क्षेत्र में आमंत्रित करने के बारे में सोच रहे हैं।

कई संबंधित जनजातियों को सामूहिक रूप से कुकी या कुकी जो समुदाय कहा जाता है, जिसके ज्यादातर सदस्य राज्य के पर्वतीय जिलों में रहते हैं। मेइती समुदाय के सदस्य इंफाल घाटी क्षेत्र के बहुसंख्यक निवासी हैं।

पिछले साल मई से मेइती और कुकी के बीच हिंसा में 200 से ज्यादा लोग मारे गए हैं और हजारों लोग बेघर हो गए हैं।

भाषा आशीष रंजन

रंजन


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