बमनोली भूमि अधिग्रहण : अदालत ने ‘द वायर’ के खिलाफ अपना आदेश वापस लिया

बमनोली भूमि अधिग्रहण : अदालत ने 'द वायर' के खिलाफ अपना आदेश वापस लिया

बमनोली भूमि अधिग्रहण : अदालत ने ‘द वायर’ के खिलाफ अपना आदेश वापस लिया
Modified Date: July 20, 2026 / 10:29 pm IST
Published Date: July 20, 2026 10:29 pm IST

नयी दिल्ली, 20 जुलाई (भाषा) दिल्ली उच्च न्यायालय ने सोमवार को समाचार पोर्टल ‘द वायर’ को दिए गए उस निर्देश को वापस ले लिया, जिसमें उसे बमनोली ज़मीन अधिग्रहण मामले में दिल्ली के पूर्व मुख्य सचिव नरेश कुमार के खिलाफ ‘मानहानि करने वाली सामग्री’ प्रकाशित न करने के लिए कहा गया था।

न्यायमूर्ति अनूप जे. भंभानी ने कहा कि कुमार की ओर से किये गए मुकदमे पर सुनवाई के दौरान समाचार पोर्टल द्वारा ‘‘मानहानि करने वाले’’ लेख के प्रकाशन को लेकर जारी अंतरिम आदेश ‘‘बहुत ज़्यादा व्यापक’’, ‘‘अनुमान पर आधारित’’ और ‘‘पूरी तरह से एक काल्पनिक स्थिति पर आधारित’’ था, जिससे यह ‘‘कानून की कसौटी पर कसने योग्य नहीं’’ रह गया।

न्यायमूर्ति भंभानी ने इस स्तर पर समाचार पोर्टल को कथित तौर पर मानहानि करने वाली सामग्री हटाने के अंतरिम निर्देशों में दखल देने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि इसके उलट कोई भी फैसला मुकदमे की सुनवाई पूरी होने के बाद ही लिया जा सकता है।

फैसले में कहा गया, ‘‘इन हालात में, यह अदालत मानती है कि 22.11.2023 के निर्णय के पैरा 30(3) में जारी किए गए अंतरिम निर्देशों (वादी के खिलाफ कोई भी मानहानि करने वाली सामग्री पोस्ट, प्रसारित या प्रकाशित न करने के निर्देश) को वापस लेने की जरूरत है। इसलिए, 22.11.2023 के निर्णय का पैरा 30(3) हटा दिया गया है।’’

बमनोली भूमि अधिग्रहण को लेकर नौ नवंबर 2023 को छपे एक समाचार के संबंध में 2023 में मानहानि का मुकदमा दायर किया गया था। उक्त समाचार लेख में आरोप लगाया गया था कि उस समय के मुख्य सचिव के बेटे के परिवार को इससे लाभ हुआ।

द्वारका एक्सप्रेसवे के निर्माण के लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने 2018 में 19 एकड़ ज़मीन का अधिग्रहण किया था।

कुमार ने अपनी याचिका में लेख को हटाने और समाचार पोर्टल व संवाददाता को उनके खिलाफ आगे कोई भी मानहानिपूर्ण लेख प्रकाशित करने से रोकने का निर्देश देने का अनुरोध किया था।

कुमार के अधिवक्ता ने कहा था कि यह लेख उनके मुवक्किल के खिलाफ लोगों को भड़काने और ‘‘कुछ लोगों को खुश करने’’ की ‘पूर्व नियोजित’ योजना का हिस्सा थी ।

समाचार पोर्टल के वकील ने इस दावे का खंडन किया कि लेख में कोई मानहानि करने वाला आरोप लगाया गया था। उन्होंने लेख की सामग्री के समर्थन में दिल्ली सरकार की तत्कालीन सतर्कता और राजस्व मंत्री आतिशी द्वारा 14 नवंबर को दिल्ली के मुख्यमंत्री को सौंपी गई एक प्रारंभिक रिपोर्ट का हवाला दिया।

मुकदमे में कहा गया है कि मुख्य सचिव ने 13 नवंबर, 2023 को पोर्टल और संवाददाता को एक कानूनी नोटिस भी भेजा था, जिसमें दावा किया गया था कि लेख की सामग्री साफ तौर पर गुमराह करने वाली और मानहानि करने वाली है।

खबर के मुताबिक, मई में ज़मीन की कीमत 41.52 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 353.79 करोड़ रुपये कर दी गई थी और केंद्रीय गृह मंत्रालय ने बढ़े हुए मुआवजे को मंजूरी देने के लिए दक्षिण पश्चिम दिल्ली के जिला मजिस्ट्रेट हेमंत कुमार के खिलाफ कार्रवाई शुरू की।

न्यायमूर्ति भंभानी की पिछली पीठ ने 22 नवंबर, 2023 को ‘द वायर’ को कथित तौर पर मानहानि करने वाला लेख हटाने का निर्देश दिया था।

भाषा धीरज सुरेश

सुरेश


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