Sikkim Tunnel Accident: सिक्किम लैंडस्लाइड में 7 मजदूरों की मौत, इस जहरीली गैस के रिसाव से गई सभी की जान, बचाव अभियान जारी

Sikkim Tunnel Accident: सिक्किम लैंडस्लाइड से 7 मजदूरों की मौत, जहरीली गैस ने ली जान, बचाव अभियान तेजी से जारी

Sikkim Tunnel Accident: सिक्किम लैंडस्लाइड में 7 मजदूरों की मौत, इस जहरीली गैस के रिसाव से गई सभी की जान, बचाव अभियान जारी

Sikkim Tunnel Accident: सिक्किम लैंडस्लाइड में 7 मजदूरों की मौत, इस जहरीली गैस के रिसाव से गई सभी की जान, बचाव अभियान जारी Photo Creadit: Social Media

Modified Date: July 21, 2026 / 10:18 am IST
Published Date: July 21, 2026 9:20 am IST
HIGHLIGHTS
  • सिक्किम के नामची जिले में निर्माणाधीन टनल के बाहर हुए भूस्खलन से बड़ा हादसा
  • टनल में मीथेन गैस रिसने से 7 मजदूरों की मौत, 12 को सुरक्षित बाहर निकाला गया
  • NDRF, SDRF, पुलिस और फायर विभाग की टीमें लगातार राहत एवं बचाव अभियान में जुटी हैं

गंगटोक। Sikkim Tunnel Accident:  सिक्किम के नामची जिले में सोमवार दोपहर को एक बड़ा हादसा हो गया। निर्माणाधीन टनल के बाहर भूस्खलन होने से करीब 27 मजदूर अंदर फंस गए और टनल के अंदर से मीथेन गैस के रिसाव से अब तक 7 मजदूरों की मौत हो चुकी है। वहीं 12 मजदूरों को बाहर निकाला गया है। राहत बचाव कार्य जारी है।

राहत और बचाव अभियान जारी

Sikkim Tunnel Accident मिली जानकारी के अनुसार घटना की जानकारी दोपहर करीब 3:40 बजे मिलते ही जिला प्रशासन ने तुरंत बचाव अभियान शुरू कर दिया। मौके पर राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF), राज्य आपदा मोचन बल (SDRF), जिला पुलिस, फायर एंड इमरजेंसी सर्विसेस की टीमें पहुंची और राहत बचाव कार्य शुरू किया। सभी मृतकों के शवों को सिंगतमअस्पताल, STNM जिला अस्पताल और नामची जिला अस्पताल ले जाया गया है। जिला प्रशासन घटनास्थल पर नजर बनाए हुई है।

 

 

मीथेन गैस चुनौती

Sikkim Tunnel Accident जिलाधिकारी तमलिंग ने आगे कहा कि टनल के अंदर मीथेन गैस प्राकृतिक रूप से भूमिगत चट्टानों या परतों से निकल रही प्रतीत होती है, जो भूस्खलन के कारण और अधिक फैल गई है। कई बचावकर्मी गैस के संपर्क में आने से चक्कर आने और बेहोशी की शिकायत कर रहे हैं। ऐसे में हमारी प्राथमिकता फंसे मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकालना है। उन्होंने आगे बताया कि गैस का स्तर मॉनिटर किया जा रहा है और विशेषज्ञ टीम भी इस पर नजर रखे हुए है।

प्रशासन ने बताया कि प्राथमिकता सभी फंसे मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकालना है। NDRF और SDRF की टीमें आधुनिक उपकरणों की मदद से लगातार राहत कार्य में जुटी हुई हैं।

 

 

 

 

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लेखक के बारे में

सवाल आपका है... 9 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. पिछले 7 सालों से डिजिटल मीडिया से जुड़े हुए हैं और कई मीडिया संस्थानों में अपना योगदान दिया है. इन्होंने कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में मास्टर की डिग्री ली है.