बैंक धोखाधड़ी मामला : सीबीआई ने रिलायंस एडीए समूह के पूर्व प्रबंध निदेशकों से पूछताछ की

बैंक धोखाधड़ी मामला : सीबीआई ने रिलायंस एडीए समूह के पूर्व प्रबंध निदेशकों से पूछताछ की

बैंक धोखाधड़ी मामला : सीबीआई ने रिलायंस एडीए समूह के पूर्व प्रबंध निदेशकों से पूछताछ की
Modified Date: March 21, 2026 / 10:21 pm IST
Published Date: March 21, 2026 10:21 pm IST

नयी दिल्ली, 21 मार्च (भाषा) केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने शनिवार को रिलायंस एडीए समूह के दो पूर्व समूह प्रबंध निदेशकों से रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड और अनिल अंबानी से जुड़े 2,929.05 करोड़ रुपये के कथित बैंक धोखाधड़ी मामले में पूछताछ की। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि एक अन्य मामले में सीबीआई ने रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस लिमिटेड और बैंक ऑफ महाराष्ट्र से जुड़े करीब 57 करोड़ रुपये के कथित धोखाधड़ी के मामले में ऑथम इन्वेस्टमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड के सलाहकार संजय डांगी से पूछताछ की।

अधिकारियों ने बताया कि ऑथम इन्वेस्टमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड ने रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस लिमिटेड और रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड की संपत्तियों का अधिग्रहण किया है, जिनकी जांच की जा रही है।

अधिकारियों ने आरोप लगाया कि रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस लिमिटेड और रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड से जुड़े मामलों में वित्तीय संस्थानों और बैंकों को 9,000 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है।

एजेंसी ने हाल ही में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) की शिकायत पर दर्ज रिलायंस कम्युनिकेशंस मामले में ‘आरोपी’ अनिल डी अंबानी से दो दिनों तक पूछताछ की थी।

सीबीआई द्वारा एसबीआई की शिकायत पर दर्ज प्राथमिकी के मुताबिक रिलायंस कम्युनिकेशंस पर विभिन्न ऋणदाताओं का 40,000 करोड़ रुपये से अधिक का बकाया था, जिसमें अकेले एसबीआई का 2018 के आंकड़ों के अनुसार 2,929 करोड़ रुपये का बकाया था।

सीबीआई के प्रवक्ता ने बताया कि एसबीआई की शिकायत पर 21 अगस्त 2025 को प्राथमिकी दर्ज की गई थी, जिसमें 2,929.05 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का आरोप लगाया गया था।

उन्होंने कहा कि रिलायंस एडीए ग्रुप के पूर्व प्रबंध निदेशक गौतम दोषी और सतीश सेठ शनिवार को सीबीआई मुख्यालय में पूछताछ के लिए जांच अधिकारी के सामने पेश हुए।

प्रवक्ता ने बताया कि समूह के एक अन्य पूर्व प्रबंध निदेशक अमिताभ झुनझुनवाला से मामले में 18 मार्च को पूछताछ की गई थी।

अनिल अंबानी के प्रवक्ता ने 2025 में जारी एक बयान में कहा था कि एसबीआई की शिकायत एक दशक से भी अधिक पुराने मामलों से संबंधित है।

बयान में कहा गया था कि उस समय अंबानी एक गैर-कार्यकारी निदेशक थे और दिन-प्रतिदिन के काम-काज में उनकी कोई भूमिका नहीं थी।

इसमें कहा गया है कि उक्त मामला राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) और उच्चतम न्यायालय सहित अन्य न्यायिक मंचों के समक्ष विचाराधीन है।

भाषा धीरज माधव

माधव


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