‘बार एसोसिएशन’ ने न्यायपालिका पर राहुल गांधी की टिप्पणियों की निंदा की

‘बार एसोसिएशन’ ने न्यायपालिका पर राहुल गांधी की टिप्पणियों की निंदा की

‘बार एसोसिएशन’ ने न्यायपालिका पर राहुल गांधी की टिप्पणियों की निंदा की
Modified Date: June 7, 2026 / 12:58 am IST
Published Date: June 7, 2026 12:58 am IST

नयी दिल्ली, छह जून (भाषा) ‘ऑल इंडिया बार एसोसिएशन’ (एआईबीए) ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी की उन टिप्पणियों की शनिवार को निंदा की, जिनमें उन्होंने कहा था कि न्यायपालिका के सदस्य ‘‘बगावत कर रहे हैं और जानकारी उपलब्ध करा रहे हैं।’’

एआईबीए ने कहा कि इस तरह का बयान न्यायपालिका की गरिमा और विश्वसनीयता को कमजोर करता है।

एआईबीए के अध्यक्ष आदिश सी. अग्रवाल द्वारा जारी एक बयान में इन टिप्पणियों को देश की सबसे महत्वपूर्ण संवैधानिक संस्थाओं में से एक के लिए ‘‘लापरवाह, गैर-जिम्मेदाराना और नुकसानदेह’’ बताया गया।

उन्होंने कहा, ‘‘भारत की न्यायपालिका का संविधान के तहत एक विशिष्ट और पवित्र स्थान है। यह कानून के शासन, मौलिक अधिकारों और संवैधानिक व्यवस्था की संरक्षक है। इस तरह का कोई भी आरोप न्याय प्रशासन में जनता के विश्वास की बुनियाद पर चोट करता है कि वरिष्ठ न्यायपालिका के सदस्य राजनीतिक नेताओं से गुप्त रूप से संवाद कर रहे हैं या संस्थागत बगावत में शामिल हैं।’’

गांधी ने ये टिप्पणियां इस सप्ताह की शुरुआत में कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय आदिवासी पेशेवर सम्मेलन में की थीं।

गांधी ने सभा को संबोधित करते हुए आरोप लगाया था कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त, ‘‘खुफिया तंत्र के प्रमुख’’ और ‘‘न्यायपालिका के सदस्यों’’ के संदेश उन तक पहुंच रहे हैं और व्यवस्था के भीतर “संस्थागत बगावत” हो रही है।

भाषा

सिम्मी संतोष

संतोष


लेखक के बारे में