बारामती विमान दुर्घटना : प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में हादसे के समय अपेक्षित दृश्यता कम होने का दावा

बारामती विमान दुर्घटना : प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में हादसे के समय अपेक्षित दृश्यता कम होने का दावा

बारामती विमान दुर्घटना : प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में हादसे के समय अपेक्षित दृश्यता कम होने का दावा
Modified Date: February 28, 2026 / 10:06 pm IST
Published Date: February 28, 2026 10:06 pm IST

नयी दिल्ली, 28 फरवरी (भाषा) वायुयान दुर्घटना अन्वेषण ब्यूरो (एएआईबी) ने बारामती विमान दुर्घटना पर अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट शनिवार को जारी की, जिसमें कहा गया है कि दुर्घटना के समय दृश्यता अपेक्षित स्तर से कम थी।

बारामती के पास 28 जनवरी को वीएसआर वेंचर के लेयरजेट विमान दुर्घटना में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार और चार अन्य लोगों की मृत्यु हो गई थी।

एएआईबी ने बारामती में रनवे पर धुंधले चिह्नों और रनवे की सतह पर पड़ी बजरी को लेकर चिंता जताई है। इसने यह भी सिफारिश की कि विमानन नियामक डीजीसीए अनियमित हवाईअड्डों पर वीएफआर उड़ानें संचालित करने वाले सभी संचालकों को निर्धारित मानक संचालन प्रक्रियाओं (एसओपी) का सख्ती से पालन करने के लिए आवश्यक निर्देश जारी कर सकता है।

एएआईबी ने शनिवार को कहा कि ‘सॉलिड स्टेट कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर’ (एसएससीवीआर) से डेटा अमेरिकी राष्ट्रीय परिवहन सुरक्षा बोर्ड (एनटीएसबी) की सहायता से डाउनलोड किया जाएगा।

एएआईबी ने कहा कि दुर्घटना वाले दिन टावर पर एफटीओ (उड़ान प्रशिक्षण संगठन) का एक ‘ग्राउंड इंस्ट्रक्टर’ तैनात था, जो लैंडिंग में सहायता के लिए विमान से संवाद कर रहा था।

रिपोर्ट में कहा गया, ‘‘बारामती के पास पहुंचते समय वीटी-एसएसके के चालक दल ने दृश्यता के बारे में पूछा, जिस पर टावर ने 3,000 मीटर की दृश्यता बताई। लैंडिंग की अनुमति देते समय टावर ने बताया कि हवा शांत है।’’

इसमें कहा गया, ‘‘इसलिए, विमान के लैंडिंग के समय बारामती में बताई गई दृश्यता वीएफआर उड़ान के लिए आवश्यक न्यूनतम दृश्यता (5,000 मीटर) से काफी कम थी।’’

इसके अलावा, एएआईबी ने कहा कि रनवे पर आखिरी बार मरम्मत कार्य मार्च 2016 में किया गया था, जिसके परिणामस्वरूप रनवे के सभी चिह्नों का रंग फीका पड़ गया और रनवे की सतह पर बजरी मौजूद थी।

इस दुर्घटना पर अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट में एएआईबी ने कहा कि तथ्यों और दुघर्टना के मूल कारणों वाले कारकों को सामने लाने के लिए सभी पहलुओं की जांच की जाएगी।

एएआईबी ने कहा, ‘‘अब तक प्राप्त अंतरिम निष्कर्षों को देखते हुए, विमानन सुरक्षा को बढ़ाने के लिए तत्काल आवश्यक निवारक कार्रवाई करने के लिए निम्नलिखित अंतरिम सुरक्षा सिफारिशें जारी करना आवश्यक समझा जाता है।’’

उसने कहा, ‘‘यह अनुशंसा की जाती है कि डीजीसीए अनियमित हवाईअड्डों पर वीएफआर उड़ानें संचालित करने वाले सभी संचालकों को निर्धारित मानक संचालन प्रक्रियाओं का सख्ती से पालन करने के लिए आवश्यक निर्देश जारी कर सकता है।’’

भाषा शफीक सुरेश

सुरेश


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