बंगाल विधानसभा में हावड़ा वार्ड परिसीमन संशोधन विधेयक पारित, सरकार ने मास्टर प्लान तैयार किया

बंगाल विधानसभा में हावड़ा वार्ड परिसीमन संशोधन विधेयक पारित, सरकार ने मास्टर प्लान तैयार किया

बंगाल विधानसभा में हावड़ा वार्ड परिसीमन संशोधन विधेयक पारित, सरकार ने मास्टर प्लान तैयार किया
Modified Date: August 12, 2026 / 05:19 pm IST
Published Date: August 12, 2026 5:19 pm IST

कोलकाता, 12 अगस्त (भाषा) पश्चिम बंगाल विधानसभा के बुधवार को हुए विशेष एक दिवसीय सत्र में हावड़ा नगर निगम में वार्ड की संख्या 50 से बढ़ाकर 68 करने के प्रस्ताव वाले विधेयक को पारित कर दिया गया। साथ ही सदन द्वारा सात फरवरी को पारित एक संशोधन विधेयक को वापस ले लिया गया।

राज्य की शहरी विकास और नगर कार्य मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने हावड़ा नगर निगम संशोधन विधेयक, 2026 पेश करते हुए वार्ड के प्रस्तावित पुनर्गठन का बचाव किया। उन्होंने कहा कि इसका मकसद निवासियों को नागरिक सेवाएं तेजी से उपलब्ध कराना है।

पॉल ने बताया कि राज्य सरकार ने हावड़ा के लिए एक विशेष मास्टर प्लान तैयार किया है। इस मास्टर प्लान में सड़कों की मरम्मत, साफ पेयजल की आपूर्ति में सुधार और स्थायी जल निकासी की व्यवस्था बनाने पर ध्यान केंद्रित किया गया है।

उन्होंने कहा कि इस योजना से कोलकाता में बार-बार होने वाली जल-जमाव की समस्या को हल करने में मदद मिलेगी।

उन्होंने कहा कि वार्ड के पुनर्गठन का फैसला आबादी में अंतर की वजह से लिया गया है।

पॉल ने कहा, ‘‘वार्ड की संख्या बढ़ाने का फैसला आबादी में अंतर की वजह से लिया गया है। वार्ड के पुनर्गठन के बाद नागरिकों को नागरिक सुविधाएं और बेहतर ढंग से मिल पाएंगी।’’

अपने संबोधन के दौरान पॉल ने विपक्ष के नेता ऋतब्रत बंद्योपाध्याय और तृणमूल कांग्रेस के विधायकों पर निशाना साधा और हावड़ा में लंबे समय से मौजूद नागरिक समस्याओं जैसे कि जल-जमाव, खराब सड़कें, अपर्याप्त जल निकासी व्यवस्था, बड़े पैमाने पर अवैध निर्माण और पेयजल की समस्याओं का जिक्र किया।

उन्होंने कहा, ‘‘यहां तक कि हावड़ा में थोड़ी सी भी बारिश के बाद दो से तीन दिनों तक पानी जमा रहता है।’’

उन्होंने कथित अवैध निर्माण और पर्याप्त जल निकासी तथा जल आपूर्ति ढांचे के अभाव को लेकर पिछली सरकार पर सवाल उठाए।

परिसीमन संशोधन विधेयक के आधिकारिक तौर पर पारित होने के बाद हावड़ा में लंबित निकाय चुनाव इस साल त्योहारों के मौसम के बाद होने की संभावना है।

पॉल ने कहा, ‘‘हम नगर निकाय चुनाव के समय का फैसला अपनी पार्टी के कार्यालय में बैठकर नहीं करेंगे। इसका निर्णय राज्य निर्वाचन आयोग से परामर्श के बाद लिया जाएगा।’’

उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली तृणमूल कांग्रेस सरकार ने चुनाव हारने के डर से जानबूझकर निकाय चुनावों में देरी की थी।

पॉल ने आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती तृणमूल कांग्रेस की सरकार में हावड़ा को नगर निकाय के लिए आवंटित 200 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता नहीं मिली।

उन्होंने कहा, ‘‘पिछली सरकार के राजनीतिक हितों के कारण हावड़ा को केंद्र की ओर से आवंटित 200 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता से वंचित रखा गया।’’

उन्होंने कहा कि नगर निकाय पर अपने कर्मचारियों और नागरिक कार्यों से जुड़े ठेकेदारों का 400 करोड़ रुपये से अधिक का बकाया है।

मंत्री ने कहा कि राज्यपाल ने विधानसभा द्वारा फरवरी में पारित हावड़ा नगर निगम (संशोधन) विधेयक, 2026 को विभाग को वापस कर दिया था और इस संबंध में अतिरिक्त जानकारी मांगी थी। इसके बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली मौजूदा सरकार ने वार्ड की संख्या बढ़ाने के उद्देश्य से पहले के विधेयक को वापस ले लिया।

इसके साथ ही, राज्य मंत्रिमंडल ने कोलकाता नगर निगम में भी वार्ड की संख्या 144 से बढ़ाकर 209 करने के प्रारंभिक प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। इसके बाद कोलकाता नगर निगम अधिनियम में संशोधन के लिए एक विधेयक भी बुधवार को विधानसभा में पेश किया गया।

भाषा सुरभि नरेश

नरेश


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