बंगाल: भाजपा ने जबरन वसूली के आरोपों पर 22 पदाधिकारियों को निलंबित किया

बंगाल: भाजपा ने जबरन वसूली के आरोपों पर 22 पदाधिकारियों को निलंबित किया

बंगाल: भाजपा ने जबरन वसूली के आरोपों पर 22 पदाधिकारियों को निलंबित किया
Modified Date: August 5, 2026 / 10:39 pm IST
Published Date: August 5, 2026 10:39 pm IST

कोलकाता, पांच अगस्त (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने पश्चिम बंगाल में सत्ता में आने के बाद से संगठनात्मक स्तर पर सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए जबरन वसूली और अनुशासनहीनता के आरोपों में अपने 22 पदाधिकारियों को निलंबित कर दिया है, जिनमें कई मंडल अध्यक्ष भी शामिल हैं। पार्टी सूत्रों ने बुधवार को यह जानकारी दी।

यह अनुशासनात्मक कार्रवाई पार्टी के राज्य नेतृत्व द्वारा कार्यकर्ताओं को ‘जबरन वसूली की संस्कृति’ न अपनाने की सार्वजनिक चेतावनी देने के कुछ हफ्ते बाद की गई है।

नेतृत्व ने कहा था कि भाजपा सरकार में ऐसी गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

पार्टी सूत्रों ने बताया कि निलंबित नेता संगठन के अलग-अलग स्तरों से थे और उन पर जबरन वसूली, तृणमूल कांग्रेस के कार्यालयों पर जबरन कब्जा करने की कोशिश, विपक्षी पार्टी के कार्यकर्ताओं से कथित तौर पर संबंध रखने और पार्टी-विरोधी अन्य गतिविधियों में शामिल होने के आरोप थे।

यह कार्रवाई राज्य इकाई द्वारा पिछले तीन महीनों में शुरू की गई व्यापक अनुशासनात्मक कवायद का हिस्सा है।

पार्टी सूत्रों के अनुसार, राज्य के विभिन्न हिस्सों, खासकर कोलकाता और आसपास के जिलों से शिकायतें मिलने के बाद 250 से अधिक नेताओं और कार्यकर्ताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए थे।

भाजपा सूत्रों ने बताया कि जहां लगभग 80 पदाधिकारियों को उनके स्पष्टीकरण संतोषजनक पाए जाने के बाद बख्श दिया गया, वहीं कई लोग या तो तय समय के भीतर जवाब देने में विफल रहे या उन्होंने ऐसे जवाब दिए जिनसे पार्टी की अनुशासनात्मक समिति संतुष्ट नहीं हुई, जिसके परिणामस्वरूप 22 सदस्यों को निलंबित कर दिया गया।

यह सख्त कार्रवाई राज्य नेतृत्व द्वारा बार-बार दी गई सार्वजनिक चेतावनियों को ठोस रूप देती है। इससे भाजपा के संगठनात्मक आचरण और तृणमूल कांग्रेस के आचरण के बीच स्पष्ट अंतर दिखाने की कोशिश झलकती है, क्योंकि तृणमूल कांग्रेस के स्थानीय स्तर के नेताओं पर जबरन वसूली में शामिल होने के आरोप लगते रहे हैं।

भाजपा की बंगाल इकाई के अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने हाल ही में पार्टी कार्यकर्ताओं को चेतावनी दी थी कि अगर वे पिछली सरकार से मिली ‘संस्कृति’ को नहीं छोड़ते हैं, तो ‘हालात बिगड़ सकते हैं’। भट्टाचार्य ने उन्हें अपना तरीका सुधारने या नतीजे भुगतने के लिए 15 दिन का समय दिया था।

राज्य के मंत्रियों दिलीप घोष, अर्जुन सिंह और अग्निमित्रा पॉल ने भी बार-बार कहा था कि पार्टी जबरन वसूली के आरोपी किसी भी व्यक्ति का बचाव नहीं करेगी।

भाषा

संतोष दिलीप

दिलीप


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