असम में बाढ़ की स्थिति बिगड़ी, छह और लोगों की मौत से मृतक संख्या 95 हुई; 1.6 लाख लोग प्रभावित

असम में बाढ़ की स्थिति बिगड़ी, छह और लोगों की मौत से मृतक संख्या 95 हुई; 1.6 लाख लोग प्रभावित

असम में बाढ़ की स्थिति बिगड़ी, छह और लोगों की मौत से मृतक संख्या 95 हुई; 1.6 लाख लोग प्रभावित
Modified Date: August 5, 2026 / 11:37 pm IST
Published Date: August 5, 2026 11:37 pm IST

गुवाहाटी, पांच अगस्त (भाषा) असम में बुधवार को बाढ़ की स्थिति और गंभीर हो गई तथा छह और लोगों की मौत के साथ मृतकों की संख्या बढ़कर 95 हो गई है, जबकि 14 जिलों में प्रभावित लोगों की संख्या बढ़कर 1.6 लाख हो गई है। अधिकारिक बुलेटिन में यह जानकारी दी गई।

असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एएसडीएमए) की ओर से बुधवार शाम जारी बुलेटिन के अनुसार, पिछले 24 घंटे में बाढ़ के कारण छह लोगों की मौत हुई है।

बुलेटिन के अनुसार, शिवसागर और बिस्वनाथ जिलों में बाढ़ के पानी में डूबने से दो-दो लोगों की मौत हुई, जबकि गोलाघाट और मोरीगांव में एक-एक व्यक्ति की जान चली गई।

इन मौतों के साथ इस साल की बाढ़ में जान गंवाने वालों की कुल संख्या बढ़कर 95 हो गई है।

प्राधिकरण की दैनिक बाढ़ रिपोर्ट के अनुसार, बिस्वनाथ, चराइदेव, दरांग, धेमाजी, गोलाघाट, जोरहाट, कामरूप मेट्रोपॉलिटन, कार्बी आंगलोंग, लखीमपुर, नगांव, शिवसागर, सोनितपुर, तिनसुकिया और उदलगुड़ी जिलों में 1,60,600 से अधिक लोग अब भी प्रभावित हैं।

शिवसागर सबसे अधिक प्रभावित जिला रहा, जहां 57,000 से अधिक लोग प्रभावित हुए। इसके बाद गोलाघाट में करीब 34,000 और जोरहाट में 25,000 लोग प्रभावित हैं।

मंगलवार से बाढ़ की स्थिति और बिगड़ गई है। उस दिन पांच जिलों में 1.22 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए थे।

एएसडीएमए ने बताया कि प्रशासन छह जिलों में 105 राहत शिविर और राहत वितरण केंद्र संचालित कर रहा है, जहां वर्तमान में 44,523 प्रभावित लोगों की देखभाल की जा रही है।

प्राधिकरण ने बताया कि पिछले 24 घंटे के दौरान राज्य के बाढ़ प्रभावित लोगों के बीच 528.44 क्विंटल चावल, 126.72 क्विंटल दाल, 73.21 क्विंटल नमक और 2,519.64 लीटर सरसों के तेल का वितरण किया गया है।

एएसडीएमए ने कहा कि वर्तमान में असम के 563 गांव बाढ़ के पानी में डूबे हुए हैं और राज्य में 16,951.76 हेक्टेयर फसल क्षेत्र को नुकसान पहुंचा है।

राज्य के विभिन्न जिलों में बाढ़ के पानी से तटबंधों, सड़कों, पुलों और अन्य बुनियादी ढांचे को भी नुकसान पहुंचा है।

वर्तमान में धानसिरी नदी नुमालीगढ़ में खतरे के निशान से ऊपर बह रही है।

व्यापक बाढ़ के कारण राज्य में 35,025 घरेलू पशु और मुर्गियां प्रभावित हुई हैं, जबकि 8,529 अन्य बह गए।

भाषा तान्या नेत्रपाल

नेत्रपाल


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