बंगाल फिल्म निर्माताओं एवं वितरकों ने ईआईएमपीए प्रमुख पिया सेनगुप्ता के खिलाफ प्रदर्शन किया
बंगाल फिल्म निर्माताओं एवं वितरकों ने ईआईएमपीए प्रमुख पिया सेनगुप्ता के खिलाफ प्रदर्शन किया
कोलकाता, सात मई (भाषा) बंगाली फिल्म उद्योग के कुछ निर्माताओं और वितरकों के एक वर्ग ने ईआईएमपीए कार्यालय में पिछले तीन दिनों से बढ़ते तनाव के बीच उसकी अध्यक्ष पिया सेनगुप्ता के इस्तीफे एवं नयी स्क्रीनिंग समिति के गठन की मांग करते हुए उनके (सेनगुप्ता के) खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है।
एक प्रदर्शनकारी वितरक सतदीप साहा ने बृहस्पतिवार को कहा कि यह तय किया गया कि दोनों पक्ष आठ मई को बैठक करेंगे जहां इस सर्वोच्च फिल्म संस्था के लोकतांत्रिक कामकाज में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के तौर-तरीकों पर चर्चा हो।
पिछले तीन दिनों के घटनाक्रम को याद करते हुए, साहा ने कहा कि विरोध प्रदर्शन कर रहे निर्माता और वितरक चार मई को यानी मतगणना के दिन ‘ईस्टर्न इंडिया मोशन पिक्चर्स एसोसिएशन’ (ईआईएमपीए) के कार्यालय में एकत्र हुए थे और सेनगुप्ता के इस्तीफे की मांग की थी।
उन्होंने ‘शुद्धिकरण’ रस्म के तहत कार्यालय परिसर में गंगाजल छिड़का और केसरिया रंग के गुलाल से भी जश्न मनाया।
पांच मई को भी विरोध प्रदर्शन जारी रहा, जब निर्माताओं और वितरकों का एक अन्य समूह ईआईएमपीए कार्यालय में इकट्ठा हुआ और उसने सेनगुप्ता के इस्तीफे, राजनीतिक रूप से तटस्थ फिल्म निर्माताओं के निकाय और कार्यकारी समिति द्वारा कोई भी चर्चा किए जाने से पहले सभी हितधारकों की बैठक बुलाने की अपनी मांगों को दोहराया।
हालांकि, उन्होंने आरोप लगाया कि सेनगुप्ता ने कार्यकारी समिति की बैठक से पहले निर्माताओं, प्रदर्शकों, वितरकों और सहयोगी सदस्यों के साथ बैठक करने से इनकार कर दिया।
बुधवार को निर्माता और वितरक उन्हीं मांगों को लेकर एक बार फिर ईआईएमपीए कार्यालय में एकत्रित हुए, जबकि सेनगुप्ता ने कार्यकारी समिति के सदस्यों के साथ बैठक की।
यह घोषणा की गई कि विरोध प्रदर्शन कर रहे निर्माताओं और वितरकों की शिकायतों को सुनने के लिए 22 मई को उनके साथ एक बैठक की जाएगी।
इसी बीच, सेनगुप्ता द्वारा ईआईएमपीए कार्यालय के अंदर असुरक्षित महसूस करने की शिकायत दर्ज कराने के बाद बोबाजार थाने और केंद्रीय बलों के कर्मी मौके पर पहुंचे।
पश्चिम बंगाल की निवर्तमान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की करीबी समझी जाने वालीं सेनगुप्ता ने कहा कि ईआईएमपीए एवं बतौर पदाधिकारी उनकी भूमिका हमेशा राजनीतिक रूप से तटस्थ रही है।
भाषा
राजकुमार माधव
माधव

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