बंगाल का रसगुल्ला ओडिशा पर भारी, पर ट्विटर जारी जुबानी जंग

बंगाल का रसगुल्ला ओडिशा पर भारी, पर ट्विटर जारी जुबानी जंग

बंगाल का रसगुल्ला ओडिशा पर भारी, पर ट्विटर जारी जुबानी जंग
Modified Date: November 29, 2022 / 07:55 pm IST
Published Date: November 14, 2017 10:41 am IST

रसगुल्ला, देश का शायद ही कोई ऐसा राज्य, शहर या व्यक्ति होगा जो इस सफेद रसभरी मिठाई का दिवाना न हो, हो सकता है आप मध्यप्रदेश या पंजाब के रहने वाले हो लेकिन इस स्वादिष्ट पकवान का स्वाद आपके लिए भी उतना ही जाएकेदार होगा जितना बंगाल के किसी शख्स के लिए । लेकिन अब इस खास मिठाई का टेस्ट ओडिशा के लिए फीका पढ़ने वाला है। जी हां बीते कई दिनों से जारी जंग ऐ रसगुल्ला में पश्चिम बंगाल को जीत मिली है।

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दरअसर ओडिशा इस विशेष मिष्ठान को अपने राज्य की खोज बताकर इस पर अपने भौगोलिक अधिकार की मांग कर रहा था। ओडिशा के विज्ञान व तकनीकी मंत्री प्रदीप कुमार पाणिग्रही ने इसे लेकर 2015 में दावा किया था कि ओडिशा में आज से 600 साल पहले रसगुल्ला मौजूद था। जिसे लेकर उन्होंने मीडिया के सामने कई तरह के तथ्य पेश किए उन्होंने इसे भगवान जगन्नाथ के भोग खीर मोहन से भी इसे जोड़ा।

उस समय बंगाल ने इस बात के लिए कोर्ट की शरण लेने की बात कही थी। लेकिन अब रसगुल्ले का GI टैग बंगाल को मिलने पर यह विवाद पूरी तरह से खत्म होता दिख रहा है। बंगाल को रसगुल्ले का जीआई टैग मिलने की सूचना मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपने ट्विटर हैंडल से दी। उन्होंने लिखा की बंगाल को रसगुल्ले का जीआई टैग मिलने पर हमें बेहद खुश और गौरान्वित महसूस कर रहे है। 

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दरअसल बंगाल सरकार रसगुल्ले को वैश्विक स्तर पर राज्य के प्रतिनिधि के रूप में पेश करना चाहती है। इसलिए वे रसगुल्ले की भौगोलिक पहचान के पंजीकरण के लिए प्रयासरत थी। अब रसगुल्ले पर आधिकारिक तौर पर बंगाल का अधिकार है। इस खबर के बाहर आते ही ट्विटर पर #Rosogolla ट्रेंड करने लगा लोगों ने गुदगुदाने वाले अंदाज में अपनी खुशी ट्विटर पर शेयर की किसी ने कोलकाता एयरपोर्ट का एक फोटो शेयर किया जहां लिखा है 100 एमएल से ज्याद रसगुल्ला लेकर जाना अलाउड नहीं है। 

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