बंगाल की मंत्री शशि पांजा को एसआईआर के तहत सुनवाई का नोटिस मिला

बंगाल की मंत्री शशि पांजा को एसआईआर के तहत सुनवाई का नोटिस मिला

बंगाल की मंत्री शशि पांजा को एसआईआर के तहत सुनवाई का नोटिस मिला
Modified Date: January 25, 2026 / 01:49 pm IST
Published Date: January 25, 2026 1:49 pm IST

कोलकाता, 25 जनवरी (भाषा) पश्चिम बंगाल की मंत्री शशि पांजा ने रविवार को कहा कि उन्हें राज्य में जारी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत सुनवाई का नोटिस मिला है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह कवायद ‘‘जल्दबाजी में और पर्याप्त तैयारी के बिना’’ की जा रही है।

महिला एवं बाल विकास मंत्री पांजा ने यह भी दावा किया कि 2002 में जब राज्य में आखिरी बार एसआईआर हुआ था तब उनका नाम मतदाता सूची में था। उन्होंने जोर देकर कहा कि उन्हें नोटिस इसलिए दिया गया क्योंकि उन्हें ‘‘अनमैप्ड’’ के रूप में चिह्नित किया गया था।

उन्होंने कहा, ‘‘मेरा नाम 2002 की मतदाता सूची में था। मैंने एसआईआर प्रक्रिया के दौरान सभी दस्तावेज जमा कर दिए थे, फिर भी मेरा नाम मतदाता सूची में दर्ज नहीं है। इसमें मेरी कोई गलती नहीं है। यह (नोटिस) मेरे लिए एक तरह का इनाम है।’’

सूत्रों के अनुसार, मंत्री को रविवार को दोपहर के समय एसआईआर सुनवाई के लिए उपस्थित होने को कहा गया है।

पांजा ने कहा कि वह इस प्रक्रिया के दौरान मंत्री के रूप में किसी भी प्रकार के विशेषाधिकार की मांग नहीं करेंगी और सुनवाई में उपस्थित होने के लिए तैयार हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘यह स्पष्ट है कि एसआईआर प्रक्रिया जल्दबाजी में और अपर्याप्त तैयारी के साथ की जा रही है। सुनवाई मेरे निर्वाचन क्षेत्र में होगी, इसलिए मुझे ज्यादा समय नहीं लगेगा। लेकिन बंगाल में कई लोग इस वजह से परेशान हो रहे हैं।’’

तृणमूल कांग्रेस के नेता देबांशु भट्टाचार्य ने भी कहा कि उन्हें और उनके परिवार के सदस्यों को एसआईआर नोटिस प्राप्त हुए हैं।

उन्होंने दावा किया, ‘‘हमने जो विवरण प्रस्तुत किए थे उनमें कोई खामी नहीं थी और हमारा नाम 2002 की सूची में भी शामिल था।’’

तृणमूल कांग्रेस के आईटी प्रकोष्ठ के प्रभारी भट्टाचार्य ने आरोप लगाया कि ‘‘भाजपा सोशल मीडिया गतिविधि पर नज़र रखने के लिए एआई-आधारित प्रणाली का उपयोग कर रही है और पार्टी का विरोध करने वालों को चुनिंदा रूप से निशाना बना रही है।’’

भाषा गोला नेत्रपाल

नेत्रपाल


लेखक के बारे में