बंगाल पुलिस महिलाओं की दो सशस्त्र बटालियन बनाने की योजना बना रही, प्रस्ताव सरकार को भेजा गया

बंगाल पुलिस महिलाओं की दो सशस्त्र बटालियन बनाने की योजना बना रही, प्रस्ताव सरकार को भेजा गया

बंगाल पुलिस महिलाओं की दो सशस्त्र बटालियन बनाने की योजना बना रही, प्रस्ताव सरकार को भेजा गया
Modified Date: June 19, 2026 / 04:10 pm IST
Published Date: June 19, 2026 4:10 pm IST

कोलकाता, 19 जून (भाषा) पश्चिम बंगाल पुलिस ने महिलाओं व बच्चों की सुरक्षा को मजबूत करने और कानून-व्यवस्था से जुड़ी संवेदनशील स्थितियों से निपटने में मदद के लिए राज्य पुलिस रिजर्व बल (एसपीआरएफ) के तहत महिलाओं की दो शस्त्र बटालियन बनाने का प्रस्ताव रखा है। एक वरिष्ठ नौकरशाह ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि मंजूरी के लिए यह प्रस्ताव राज्य सरकार को भेज दिया गया है।

नौकरशाह ने नाम न बताने की शर्त पर ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, “इन बटालियनों को खास अभियानगत इकाई के तौर पर तैयार किया जा रहा है। इनका मुख्य काम महिलाओं और बच्चों से जुड़े पुलिसिंग कार्यों, मानव तस्करी विरोधी अभियानों और ऐसे अन्य संवेदनशील कामों में मदद करना होगा, जहां प्रशिक्षित महिला कर्मियों की तैनाती जरूरी मानी जाती है।”

उन्होंने बताया कि इन दोनों इकाइयों के नाम बंगाल के इतिहास की दो प्रतिष्ठित महिला हस्तियों के नाम पर रखे जाने की संभावना है।

इनके नाम ‘मातंगिनी हाजरा महिला एसपीआरएफ बटालियन’ और ‘रानी शिरोमणि महिला एसपीआरएफ बटालियन’ रखे जा सकते हैं।

अधिकारी ने बताया कि प्रस्तावित बटालियनों को अन्य सशस्त्र पुलिस इकाइयों की तरह ही तैयार किया जाएगा और उन्हें उसी स्तर का प्रशिक्षण व सुविधाएं दी जाएंगी।

उन्होंने बताया , “उद्देश्य केवल वर्दीधारी महिला कर्मियों की संख्या बढ़ाना नहीं बल्कि ऐसी विशेष बल इकाइयां तैयार करना भी है, जो भविष्य की पुलिसिंग जरूरतों का प्रभावी ढंग से सामना कर सकें। इन्हें भीड़ नियंत्रण, अभियानगत रणनीति, जांच में सहयोग और सुरक्षा से जुड़े कार्यों के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा।”

अधिकारी ने बताया कि कमांडेंट, डिप्टी कमांडेंट, पुलिस उपाधीक्षक, निरीक्षक, उपनिरीक्षक, सहायक उपनिरीक्षक, वायरलेस ऑपरेटर, पुलिस चालक और कांस्टेबल सहित विभिन्न पदों पर करीब 2,006 महिला कर्मियों की भर्ती की जा सकती है। उन्होंने बताया कि प्रस्ताव में यह भी सुझाव दिया गया है कि रानी शिरोमणि बटालियन के लिए बैरकपुर पुलिस ब्रिगेड क्षेत्र में मौजूद बुनियादी ढांचे का उपयोग किया जा सकता है जबकि मातंगिनी हाजरा बटालियन के लिए स्थान को लेकर अभी कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है।

अधिकारी ने बताया कि प्रस्ताव पर फिलहाल राज्य सरकार की मंजूरी का इंतजार है और मंजूरी मिलने के बाद बटालियनों के गठन और कर्मियों की भर्ती की प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है।

भाषा जितेंद्र मनीषा

मनीषा


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