Chhattisgarh CM High Level Meeting: साय मंत्रिमंडल में फेरबदल नहीं बल्कि इससे भी बड़ा हुआ कुछ.. न अफसर, न मंत्री मंत्रियों के OSD को एंट्री.. चाय-पानी स्टाफ तक को नहीं मिली मीटिंग हॉल में आने की इजाजत

Chhattisgarh High Profile Meeting Agenda: साय सरकार की गोपनीय बैठक में मंत्रियों, ओएसडी और संगठन समन्वय पर चर्चा, फेरबदल की अटकलें थमीं।

Chhattisgarh CM High Level Meeting: साय मंत्रिमंडल में फेरबदल नहीं बल्कि इससे भी बड़ा हुआ कुछ.. न अफसर, न मंत्री मंत्रियों के OSD को एंट्री.. चाय-पानी स्टाफ तक को नहीं मिली मीटिंग हॉल में आने की इजाजत

Chhattisgarh CM High Level Meeting || Image- CGDPR File

Modified Date: June 19, 2026 / 03:43 pm IST
Published Date: June 19, 2026 3:43 pm IST
HIGHLIGHTS
  • पांच घंटे चली बैठक में अफसरों और स्टाफ की एंट्री बंद।
  • मंत्रियों के ओएसडी और शिकायतों पर हुई गंभीर चर्चा।
  • सरकार-संगठन तालमेल और राजनीतिक रणनीति पर जोर।

रायपुर: छत्तीसगढ़ में मानसून भले ही देर कर रहा हो, लेकिन अटकलों और संभावनाओं की बारिश ने प्रदेश की सियासी जमीन को तरबतर कर दिया है। दरअसल छत्तीसगढ़ की राजनीति में गुरुवार रात उस समय हलचल तेज हो गई, जब मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अचानक मंत्रियों की बैठक बुला ली। (Chhattisgarh CM High Level Meeting) पिछले कई महीनों से मंत्रिमंडल में फेरबदल और कुछ मंत्रियों की छुट्टी की चर्चाओं के बीच इस बैठक को लेकर तरह-तरह की अटकलें लगाई जाने लगीं। राजनीतिक गलियारों से लेकर मीडिया तक में यह चर्चा थी कि सरकार में बड़ा बदलाव होने वाला है। हालांकि बैठक खत्म होने के बाद जो जानकारी सामने आई, उसने तस्वीर कुछ और ही दिखाई।

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गोपनीय रखी गई बैठक, अफसरों और स्टाफ को भी नहीं मिली एंट्री

मुख्यमंत्री आवास में हुई इस बैठक को पूरी तरह गोपनीय रखा गया। बताया जाता है कि न तो वरिष्ठ अधिकारियों को बैठक में शामिल किया गया और न ही मंत्रियों के ओएसडी या अन्य स्टाफ को अंदर आने की अनुमति थी। यहां तक कि चाय-पानी की व्यवस्था करने वाले कर्मचारियों की भी बैठक कक्ष तक पहुंच नहीं थी। बैठक के दौरान मंत्रियों के मोबाइल फोन भी उपयोग में नहीं थे। कई घंटों तक व्हाट्सएप संदेशों का जवाब नहीं मिला, जिससे बैठक की गोपनीयता को लेकर चर्चाएं और बढ़ गईं। यह बैठक करीब पांच घंटे तक चली। हालांकि सरकार के वरिष्ठ मंत्री ओपी चौधरी इसमें शामिल नहीं हुए।

मंत्रिमंडल विस्तार नहीं, शिकायतों पर हुई चर्चा

सूत्रों के अनुसार यह बैठक मंत्रिमंडल में फेरबदल या विभागों के बदलाव को लेकर नहीं थी। (Chhattisgarh CM High Level Meeting) बताया जा रहा है कि पार्टी नेतृत्व को लंबे समय से मंत्रियों के कामकाज, पार्टी फंड, कथित वसूली और कुछ ओएसडी की कार्यशैली को लेकर शिकायतें मिल रही थीं। इन्हीं मुद्दों पर चर्चा के लिए यह बैठक आयोजित की गई थी।

जानकारी के मुताबिक, संगठन के वरिष्ठ नेताओं ने मंत्रियों के सामने विभिन्न शिकायतों का जिक्र किया और सरकार की कार्यप्रणाली को लेकर अपनी चिंताएं भी व्यक्त कीं। माना जा रहा है कि कई मुद्दों पर मंत्रियों को स्पष्ट संदेश और आवश्यक सुझाव दिए गए।

सरकार के कामकाज और संगठन से तालमेल पर जोर

बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 12 वर्षों के कार्यकाल से जुड़े कार्यक्रमों, राज्य सरकार की योजनाओं और उनके प्रभावी क्रियान्वयन पर भी चर्चा हुई। इसके अलावा सांसदों, विधायकों और पार्टी पदाधिकारियों के साथ समन्वय बढ़ाने पर भी जोर दिया गया।

सूत्रों का कहना है कि कानून व्यवस्था, विधानसभा सत्रों में विपक्ष के हमलों का जवाब देने की रणनीति और सरकार तथा संगठन के बीच बेहतर तालमेल जैसे विषय बैठक के प्रमुख एजेंडे में शामिल रहे। (Chhattisgarh CM High Level Meeting) पार्टी नेतृत्व ने आने वाले समय की राजनीतिक चुनौतियों को देखते हुए संगठन और सरकार के बीच बेहतर संवाद की आवश्यकता बताई।

ओएसडी और करीबियों की शिकायतें, पार्टी ने जताई नाराजगी

बैठक में सबसे ज्यादा चर्चा मंत्रियों के ओएसडी और करीबियों को लेकर मिलने वाली शिकायतों पर हुई। बताया जा रहा है कि संगठन के पदाधिकारियों ने इस विषय पर नाराजगी जाहिर की और साफ संदेश दिया कि ऐसी शिकायतें पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचा सकती हैं।

पार्टी नेताओं का मानना है कि यदि सरकार की छवि प्रभावित होती है तो चुनाव के समय इसका असर संगठन को भी झेलना पड़ सकता है। इसलिए मंत्रियों को अपने कार्यालयों और सहयोगियों की कार्यशैली पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी गई है। कुछ मामलों में चेतावनी दिए जाने की भी चर्चा है।

नितिन नवीन के दौरे से बढ़ी पार्टी की गतिविधियां

इसी बीच भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और छत्तीसगढ़ प्रभारी नितिन नबीन छत्तीसगढ़ दौरे पर आने वाले हैं। उनका यह दौरा कई मायनों में बेहद अहम होने वाला है। (Chhattisgarh CM High Level Meeting) बताया जा रहा है कि रायपुर में पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ उनकी बैठकें होंगी। संगठन की भविष्य की रणनीति और सरकार के कामकाज पर भी चर्चा हो सकती है। राजनीतिक हलकों में यह भी माना जा रहा है कि उनके दौरे के दौरान ही मंत्रिमंडल से जुड़े मुद्दों पर विचार-विमर्श संभव है।

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नितिन नवीन नवंबर 2025 में रायपुर आए थे। उस समय वे प्रदेश प्रभारी होने के साथ बिहार सरकार में मंत्री भी थे। बाद में उन्हें भाजपा का कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष और फिर पूर्णकालिक राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया गया। फिलहाल, गुरुवार रात हुई हाईप्रोफाइल बैठक से यह संकेत जरूर मिला है कि भाजपा नेतृत्व की प्राथमिकता फिलहाल मंत्रिमंडल में फेरबदल से ज्यादा सरकार के कामकाज, संगठन के साथ समन्वय और शिकायतों के समाधान पर केंद्रित है।

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