बंगाल: शुभेंदु के सहयोगी की हत्या से राजनीतिक बवाल, भाजपा और तृणमूल के बीच आरोप प्रत्यारोप
बंगाल: शुभेंदु के सहयोगी की हत्या से राजनीतिक बवाल, भाजपा और तृणमूल के बीच आरोप प्रत्यारोप
कोलकाता, सात मई (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता शुभेंदु अधिकारी के करीबी सहयोगी की हत्या ने बृहस्पतिवार को पश्चिम बंगाल में राजनीतिक भूचाल ला दिया। भाजपा ने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) पर ‘अराजकता’ फैलाने का आरोप लगाया, जबकि ममता बनर्जी नीत पार्टी ने इस आरोप को खारिज किया।
भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी के करीबी सहयोगी चंद्रनाथ रथ की बुधवार रात मध्यमग्राम में गोली मारकर हत्या कर दी गई।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, मोटरसाइकिल सवार हमलावरों ने रात करीब साढ़े 10 बजे मध्यमग्राम के डोलतला के पास रथ के वाहन को रोका और नजदीक से गोली मारकर फरार हो गए।
भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने आरोप लगाया कि यह हत्या टीएमसी सरकार के शासनकाल में राज्य में कानून और व्यवस्था के ‘पूर्ण पतन’ को दर्शाती है, जिसे विधानसभा चुनावों में ‘सत्ता से बाहर का रास्ता दिखाया’ गया है।
भाजपा के एक नेता ने कहा, ‘‘विपक्ष के नेता से घनिष्ठ रूप से जुड़े एक व्यक्ति को सुनियोजित तरीके से निशाना बनाया गया। इससे पता चलता है कि ममता बनर्जी सरकार के शासन में कानून-व्यवस्था कितनी बिगड़ गई है, जिसे बंगाल की जनता ने सत्ता से बेदखल कर दिया है।’’
शुभेंदु ने इसे ‘‘सुनियोजित हत्या’’ बताया और आरोप लगाया कि हत्यारों ने उत्तर 24 परगना जिले में हमले को अंजाम देने से पहले रेकी की थी।
भाजपा की राज्य इकाई के अध्यक्ष सामिक भट्टाचार्य ने इस हत्या को राज्य में ‘राजनीति के पूर्णतः अपराधीकरण’ का प्रमाण बताया।
भट्टाचार्य ने कहा, ‘यह एक सुनियोजित और लक्षित हमला था। विपक्ष के निवर्तमान नेता के सहायक की हत्या करके हमलावर एक राजनीतिक संदेश देना चाहते थे।’
वहीं भाजपा के नवनिर्वाचित विधायक कौस्तव बागची ने कहा कि हमलावरों ने गोलीबारी से पहले रथ के वाहन का काफी देर तक पीछा किया था।
उन्होंने आरोप लगाया, ‘यह ममता और अभिषेक बनर्जी की साजिश है। जब तक अपराधियों की पहचान नहीं हो जाती, हम चैन से नहीं बैठेंगे।’
वहीं तृणमूल कांग्रेस ने इन आरोपों को खारिज किया है। उसने भाजपा पर जांच पूरी होने से पहले ही घटना का राजनीतिकरण करने का आरोप लगाया।
तृणमूल के एक वरिष्ठ नेता ने कहा, ‘‘इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना से टीएमसी का कोई लेना-देना नहीं है। पुलिस पेशेवर तरीके से मामले की जांच कर रही है। भाजपा को निराधार आरोप लगाने से बचना चाहिए। हमने पहले ही इस हत्या मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग कर दी है।’’
एक बयान में, तृणमूल ने आरोप लगाया कि पिछले तीन दिनों में ‘भाजपा समर्थित उपद्रवियों’ द्वारा कथित तौर पर की गई चुनाव बाद हिंसा की अलग-अलग घटनाओं में टीएमसी के तीन कार्यकर्ताओं की हत्या कर दी गई है।
कई राजनीतिक दलों ने रथ की हत्या किए जाने की निंदा की है।
कांग्रेस ने रथ की हत्या के मामले की पारदर्शी तरीके से जांच की मांग की और भाजपा और टीएमसी, दोनों की आलोचना करते हुए कहा कि वे ‘हर त्रासदी को राजनीतिक लड़ाई में बदल देते हैं’।
कांग्रेस की राज्य इकाई के एक नेता ने कहा, ‘ध्यान हत्यारों की गिरफ्तारी और न्याय सुनिश्चित करने पर रहना चाहिए, न कि राजनीतिक लाभ उठाने पर।’
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने भी रथ की हत्या की निंदा की और राज्य में बिगड़ते राजनीतिक माहौल पर चिंता व्यक्त की।
माकपा के एक वरिष्ठ नेता ने कहा, ‘‘टीएमसी शासन के तहत हिंसा और भय बंगाल की राजनीतिक संस्कृति का अभिन्न अंग बन गए हैं। प्रशासन को दृढ़ता और निष्पक्षता से कार्रवाई करनी चाहिए। हम इस हत्या की निंदा करते हैं और इस अपराध में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हैं।’’
भाषा शोभना वैभव
वैभव

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