बंगाल चुनाव जनता के लिए राज्य की अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने का अंतिम अवसर है: आदित्यनाथ

बंगाल चुनाव जनता के लिए राज्य की अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने का अंतिम अवसर है: आदित्यनाथ

बंगाल चुनाव जनता के लिए राज्य की अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने का अंतिम अवसर है: आदित्यनाथ
Modified Date: April 20, 2026 / 07:13 pm IST
Published Date: April 20, 2026 7:13 pm IST

पिंगला (पश्चिम बंगाल), 20 अप्रैल (भाषा) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को राज्य की अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने का ‘अंतिम अवसर’ बताया, जिसमें ‘तृणमूल कांग्रेस के वर्षों के कुशासन’ के कारण ‘गिरावट आयी है।’’

योगी आदित्यनाथ ने पश्चिम मेदिनीपुर के पिंगला में एक चुनावी रैली में कहा, ‘यह महज एक सामान्य चुनाव नहीं है। बंगाल एक निर्णायक मोड़ पर खड़ा है। दिशा बदलने और विकास को वापस पटरी पर लाने का यह आखिरी मौका है।’’

उत्तर प्रदेश और बंगाल की तुलना करते हुए आदित्यनाथ ने कहा कि भाजपा के सत्ता में आने से पहले उनके राज्य में भी स्थिति कुछ ऐसी ही थी। उन्होंने कहा, “हालांकि, तब से कानून व्यवस्था और बुनियादी ढांचे में सुधार हुआ है।”

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने कहा कि इसी तरह का मॉडल बंगाल को भी बदल सकता है।

उन्होंने चुनाव को बंगाल के भविष्य के लिए एक ‘महत्वपूर्ण समय’ के तौर पर प्रस्तुत किया और मतदाताओं से विकास और सुशासन के लिए भाजपा के नेतृत्व वाली ‘डबल इंजन सरकार’ को सत्ता में लाने का आग्रह किया।

आदित्यनाथ ने राज्य में सत्तारूढ़ दल पर कोयला, रेत और जमीन के कारोबार में ‘माफिया राज’ को बढ़ावा देने का आरोप भी लगाया और राज्य की कानून व्यवस्था की स्थिति में गिरावट का आरोप लगाया।

भाजपा नेता आदित्यनाथ ने कहा, ‘‘कोई भी सुरक्षित नहीं है, ना महिलाएं, ना व्यापारी, ना किसान। त्योहारों पर पाबंदियां और हिंसा हो रही है। यह मौजूदा सरकार के शासन मॉडल को दर्शाता है।’’

उन्होंने 2029 में विधायिका में 33 प्रतिशत महिला आरक्षण लागू करने वाले विधेयक का भी उल्लेख किया, जो लोकसभा में अटक गया था। उन्होंने कहा कि विपक्षी दलों ने प्रस्तावित कानून का विरोध करके ‘‘महिलाओं का अपमान’’ किया है।

बंगाल की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत का हवाला देते हुए आदित्यनाथ ने कहा कि कभी उद्योग और बौद्धिक विकास में भारत का नेतृत्व करने वाला यह राज्य कांग्रेस, वामदल और तृणमूल कांग्रेस की लगातार सरकारों के तहत ‘‘रास्ता भटक गया।’’

उन्होंने दावा किया, ‘‘बंगाल में पिछले दशक में औद्योगिक गिरावट, बेरोजगारी और व्यवसायों का बंद होना देखा गया।’’

उन्होंने भाजपा के प्रतिद्वंद्वियों पर ‘‘तुष्टीकरण की राजनीति’’ करने और संवैधानिक संस्थाओं का अपमान करने का आरोप लगाया। आदित्यनाथ ने कहा, ‘‘पंद्रह साल काफी हैं। अब भ्रष्टाचार, हिंसा और कुशासन को समाप्त करने का समय है। विकास की शुरुआत होनी चाहिए।’’

भाषा अमित रंजन

रंजन


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