बंगाल चुनाव : टीएमसी और भाजपा ने एक-दूसरे के खिलाफ निर्वाचन आयोग में दर्ज कराई शिकायत

बंगाल चुनाव : टीएमसी और भाजपा ने एक-दूसरे के खिलाफ निर्वाचन आयोग में दर्ज कराई शिकायत

बंगाल चुनाव : टीएमसी और भाजपा ने एक-दूसरे के खिलाफ निर्वाचन आयोग में दर्ज कराई शिकायत
Modified Date: April 6, 2026 / 12:20 am IST
Published Date: April 6, 2026 12:20 am IST

कोलकाता, पांच अप्रैल (भाषा) पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है जिसके तहत तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने एक-दूसरे पर धमकी, घृणास्पद भाषण और आपत्तिजनक टिप्पणियों के आरोप लगाते हुए रविवार को निर्वाचन आयोग का रुख किया।

विवाद के केंद्र में भाजपा की पानीहाटी सीट की उम्मीदवार और टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी हैं। पानीहाटी सीट से भाजपा उम्मीदवार आरजी कर अस्पताल की दुष्कर्म पीड़िता चिकित्सक की मां हैं। महिला चिकित्सक की पिछले वर्ष दुष्कर्म के बाद हत्या कर दी गई थी। बनर्जी की ओर से केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ की गई टिप्पणियों को लेकर भाजपा ने भी उन पर पलटवार किया है।

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को भेजी गई शिकायत में टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी ने आरोप लगाया कि भाजपा उम्मीदवार ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ “अत्यंत आपत्तिजनक, धमकी भरे और अपमानजनक” बयान दिए हैं।

श्रीरामपुर से सांसद बनर्जी ने कहा कि भाजपा उम्मीदवार ने मुख्यमंत्री के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया और उनकी जान को खतरा बताने वाले बयान भी दिए। टीएमसी नेता ने इन टिप्पणियों को “गंभीर रूप से चिंताजनक” बताते हुए लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए खतरा करार दिया और निर्वाचन आयोग से तुरंत हस्तक्षेप करने की मांग की।

उन्होंने निर्वाचन आयोग को लिखे अपने पत्र में कहा, ‘‘ चुनावी प्रक्रिया के दौरान अपशब्दों का प्रयोग और धमकियां देना स्वतंत्र तथा निष्पक्ष चुनावों के सिद्धांतों को कमजोर करता है एवं जनता के बीच भय और शत्रुता का माहौल पैदा करता है। ’’

कल्याण बनर्जी ने भाजपा उम्मीदवार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए निर्वाचन आयोग से मामले का संज्ञान लेने, त्वरित और निष्पक्ष जांच का आदेश देने तथा भाजपा उम्मीदवार के खिलाफ सख्त कानूनी और अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू करने का अनुरोध किया है।

टीएमसी ने इसे भाजपा की चुनावी रणनीति का हिस्सा बताते हुए आरोप लगाया कि पार्टी बंगाल की राजनीति में टकराव और डर का माहौल पैदा करने की कोशिश कर रही है।

वहीं, टीएमसी की शिकायत के कुछ ही घंटों के भीतर भाजपा ने पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के समक्ष शिकायत दर्ज कराते हुए कल्याण बनर्जी पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ “अपमानजनक, भड़काऊ और घृणित” टिप्पणियां करने का आरोप लगाया।

भाजपा ने अपनी शिकायत के साथ एक वीडियो क्लिप भी संलग्न किया और कहा कि यह कोई एक बार की घटना नहीं, बल्कि सत्तारूढ़ दल के नेताओं द्वारा लगातार जारी भड़काऊ बयानबाजी का हिस्सा है।

भाजपा की राज्य इकाई के नेता शिशिर बजोरिया द्वारा प्रस्तुत पत्र में कहा गया कि कल्याण बनर्जी की टिप्पणियों का उद्देश्य “अपमानित करना, उकसाना और दुश्मनी फैलाना” है, जिससे चुनावी माहौल में तनाव और ध्रुवीकरण बढ़ रहा है। भाजपा ने आरोप लगाया कि टीएमसी नेतृत्व की मौन सहमति से इस तरह की बयानबाजी की जा रही है, जो आचार संहिता (एमसीसी) की “व्यवस्थित अवहेलना” को दर्शाता है।

भाजपा ने चुनाव अधिकारियों से मांग की है कि बनर्जी को आचार संहिता के उल्लंघन का दोषी ठहराया जाए, उनके बयान वाले वीडियो को सार्वजनिक मंचों से तुरंत हटाया जाए, उन्हें और अन्य टीएमसी नेताओं को इस तरह के बयान देने से रोका जाए तथा संबंधित कानूनों के तहत आपराधिक कार्रवाई की जाए।

पानीहाटी सीट ने असाधारण राजनीतिक महत्व प्राप्त कर लिया है, क्योंकि भाजपा ने आरजी कर दुष्कर्म पीड़िता की मां को मैदान में उतारा है, ताकि पिछले साल महिला प्रशिक्षु चिकित्सक के बलात्कार और हत्या को लेकर राज्यव्यापी आक्रोश को चुनावी मुद्दे में बदला जा सके।

हालांकि, टीएमसी ने बार-बार भाजपा पर व्यक्तिगत त्रासदी का राजनीतिकरण करने और शोक संतप्त परिवार को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी सरकार के खिलाफ राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है।

भाषा रवि कांत प्रशांत

प्रशांत


लेखक के बारे में