बंगाल शिक्षक भर्ती मामला : डब्ल्यूबीएसएससी ने परीक्षा की ओएमआर शीट वेबसाइट पर अपलोड कीं
बंगाल शिक्षक भर्ती मामला : डब्ल्यूबीएसएससी ने परीक्षा की ओएमआर शीट वेबसाइट पर अपलोड कीं
कोलकाता, 11 मई (भाषा) पश्चिम बंगाल स्कूल सेवा आयोग(डब्ल्यूबीएसएससी) ने उच्चतम न्यायालय के निर्देश के अनुपालन में 2016 शिक्षक भर्ती परीक्षा में शामिल अभ्यर्थियों की ओएमआर शीट की तस्वीरें अपनी वेबसाइट पर अपलोड कर दी हैं। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी।
ओएमआर (ऑप्टिकल मार्क रिकाग्निशन) शीट ऐसी उत्तर पुस्तिका है, जिसे कंप्यूटर द्वारा स्कैन कर उसका आकलन किया जाता है।
कलकत्ता उच्च न्यायालय की एक खंडपीठ ने 22 अप्रैल, 2024 को माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों में 2016 की भर्ती प्रक्रिया में अनियमितताओं के कारण 25,752 शिक्षण और गैर-शिक्षण कर्मचारियों की नियुक्तियां रद्द करने का आदेश दिया था। अदालत ने ओएमआर शीट अपलोड करने का निर्देश भी दिया था। इसके बाद उच्चतम न्यायालय ने तीन अप्रैल 2025 को इस आदेश को बरकरार रखा था।
इन कर्मचारियों में 17,209 शिक्षक थे, जबकि बाकी समूह-सी और समूह-डी कर्मचारी थे।
डब्ल्यूबीएसएससी के अध्यक्ष सिद्धार्थ मजूमदार ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा कि राज्य स्तरीय चयन परीक्षा-2016 (एसएलएसटी) के तहत कक्षा नौ और 10 तथा 11 और 12 के सहायक शिक्षक भर्ती परीक्षा में शामिल 3.50 लाख अभ्यर्थियों की ओएमआर शीट की स्कैन तस्वीरें शनिवार मध्यरात्रि को अपलोड की गईं।
उन्होंने कहा, ‘‘अभ्यर्थी आयोग की वेबसाइट पर अपनी ओएमआर शीट देख सकते हैं।’’
मजूमदार ने कहा कि गैर-शिक्षण एसएलएसटी-2016 अभ्यर्थियों की उत्तर पुस्तिकाएं भी जल्द अपलोड की जाएंगी। वेबसाइट पर जारी एक सूचना में कहा गया कि सीबीआई से हार्ड डिस्क ड्राइव में प्राप्त ओएमआर शीट की तस्वीरें ‘‘तीन अप्रैल 2025 के उच्चतम न्यायालय के फैसले और आदेश की भावना के अनुरूप’’ अपलोड की जा रही हैं।
यह कदम उच्चतम न्यायालय में अवमानना याचिका पर होने वाली सुनवाई से पहले उठाया गया है, जिसमें स्कैन की गई ओएमआर शीट प्रकाशित करने की मांग की गई है।
यह घटनाक्रम पिछले वर्ष उच्चतम न्यायालय में दायर उस याचिका के बाद सामने आया है, जिसमें डब्ल्यूबीएसएससी को स्कैन की गई ओएमआर शीट तत्काल अपलोड करने का निर्देश देने का अनुरोध किया गया था।
उच्चतम न्यायालय ने इस वर्ष मार्च में याचिका स्वीकार करने के बाद राज्य के स्कूल शिक्षा विभाग और डब्ल्यूबीएसएससी को नोटिस जारी किया था।
मजूमदार ने कहा, ‘‘स्कैन की गई तस्वीरें अब उच्चतम न्यायालय के आदेश की भावना के अनुरूप अपलोड कर दी गई हैं।’’
भाषा रवि कांत रवि कांत माधव
माधव

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