बेंगलुरु सीईटी जनेऊ विवाद : सरकार का सख्त कार्रवाई का वादा
बेंगलुरु सीईटी जनेऊ विवाद : सरकार का सख्त कार्रवाई का वादा
बेंगलुरु, 26 अप्रैल (भाषा) बेंगलुरु शहरी उपायुक्त जगदीश जी ने सोमवार को कहा कि सरकार ने पिछले सप्ताह सीईटी परीक्षा स्थल में प्रवेश करने से पहले कुछ छात्रों को अपना ‘जनिवारा’ (जनेऊ) उतारने के लिए मजबूर करने के लिये जिम्मेदार लोगों के खिलाफ ‘‘सख्त से सख्त कार्रवाई’’ करने का फैसला किया है।
उन्होंने कहा कि घटना की जांच के लिए गठित वरिष्ठ अधिकारियों की समिति ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि प्रथम दृष्टया ऐसा प्रतीत होता है कि छात्रों को जानबूझकर जनेऊ उतारने के लिए मजबूर किया गया था।
शहर पुलिस ने पिछले सप्ताह सामान्य प्रवेश परीक्षा (सीईटी-2026) के आयोजन स्थल में प्रवेश करने से पहले कुछ छात्रों को जनेऊ उतारने के लिए मजबूर करने के आरोप में बेंगलुरु के एक निजी कॉलेज के तीन कर्मचारियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
पिछले साल शिवमोग्गा और बीदर में इसी तरह की घटनाए हुई थीं, जिसके बाद कर्नाटक परीक्षा प्राधिकरण (केईए) ने स्पष्ट निर्देश जारी किए थे कि छात्रों को परीक्षा के दौरान किसी भी धार्मिक पहचान या प्रतीक को हटाने के लिए मजबूर न किया जाए।
जगदीश ने यहां पत्रकारों से कहा, ‘‘ पिछले साल की घटना के बाद ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोकने के लिए केईए ने ड्रेस कोड अधिकारियों की नियुक्ति की थी और उचित तथा अनुचित व्यवहार पर प्रशिक्षण प्रदान किए थे और ऐसे उपाय किए जाने के बावजूद इस बार भी कर्तव्य में लापरवाही बरती गई है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के लिए प्राथमिकी दर्ज कर गिरफ्तारियां की गई हैं। वरिष्ठ अधिकारियों ने जांच की है और दोषियों को निलंबित कर दिया गया है।’’
उन्होंने बताया कि जांच रिपोर्ट जिला स्तर पर पेश कर दी गई है और इसे सरकार को भेजा जाएगा।
जांच के नतीजों के आधार पर यह भी फैसला लिया गया है कि जिस संस्थान में यह घटना घटी, वहां केईए द्वारा सीईटी परीक्षा आयोजित नहीं की जाएगी।
उन्होंने कहा, ‘‘जिला प्रशासन और सरकार इस संबंध में सख्त से सख्त कार्रवाई कर रही है।’’
उपायुक्त ने घटना की जांच करने और दो दिनों के भीतर रिपोर्ट पेश करने के लिए अतिरिक्त उपायुक्त की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया।
उन्होंने कहा, ‘‘ राज्य भर में कई केंद्रों पर परीक्षाएं आयोजित की गई थीं और कहीं भी ऐसी समस्या नहीं हुई। अगर इस केंद्र पर छात्रों को ‘जनिवारा’ हटाने के लिए मजबूर किया गया, तो ऐसा लगता है कि यह जानबूझकर किया गया था। हमने इसे गंभीरता से लिया है।’’ उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सख्त कार्रवाई की सिफारिश की गई है।
भाषा शोभना दिलीप
दिलीप

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