आस्था से परे: मालवीय नगर में लगी आग में जान बचाने के लिए निवासी एकजुट हुए

आस्था से परे: मालवीय नगर में लगी आग में जान बचाने के लिए निवासी एकजुट हुए

आस्था से परे: मालवीय नगर में लगी आग में जान बचाने के लिए निवासी एकजुट हुए
Modified Date: June 3, 2026 / 10:31 pm IST
Published Date: June 3, 2026 10:31 pm IST

नयी दिल्ली, तीन जून (भाषा) सामुदायिक भावना का परिचय देते हुए स्थानीय मुस्लिम निवासियों ने बुधवार को दक्षिण दिल्ली के मालवीय नगर के हौज़ रानी में लगी भीषण आग को बुझाने के प्रयासों में अधिकारियों का साथ दिया और निकाले गए कई लोगों को सीपीआर दिया।

भीड़भाड़ वाले दक्षिण दिल्ली इलाके में ‘फ्लोरिश स्टे बी एंड बी’ होटल में लगी आग में कम से कम 21 लोगों की मौत हो गई, जिनमें मध्य एशिया और अफ्रीका के 11 विदेशी नागरिक शामिल हैं।

अधिकारियों के अनुसार, दिल्ली के विभिन्न अस्पतालों में भर्ती 35 घायलों में से 19 की हालत गंभीर बनी हुई है।

बचाव प्रयासों की स्थानीय भाजपा विधायक सतीश उपाध्याय ने सराहना की, जिन्होंने स्वयंसेवकों से मुलाकात की और उनके कार्यों की तारीफ की। संकट के समय प्रदर्शित एकता और करुणा की भावना को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा, ‘इंसानियत सबसे बड़ा धर्म है।’

उपाध्याय ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘आज के जांबाजों को सलाम। हौज़ रानी, मालवीय नगर में लगी भीषण आग के दौरान इन पांच साहसी नागरिकों — अफजल, मोहम्मद शाहरुख, मोहम्मद अनीस, मोहम्मद आमिर और मोहम्मद वसीम ने लोगों की मदद की और यहां तक कि लोगों को सीपीआर भी दिया।’

कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन (सीपीआर) एक जीवन रक्षक आपातकालीन प्रक्रिया है जो तब दी जाती है जब किसी की सांस या दिल की धड़कन रुक जाती है।

उन्होंने कहा, ‘मुझे आप पर बहुत गर्व है। उन्होंने कम से कम 10 लोगों को सीपीआर दिया। यही इंसानियत है, जो सबसे ऊपर है और सबसे बड़ा धर्म है।’

भाजपा विधायक ने कहा कि वह पांच बहादुर पुलिस कर्मियों — हेड कांस्टेबल दिनेश, करतार सिंह, देशराज, अजय और मीणा — की भी सराहना करना चाहेंगे, जिन्होंने अपनी जान की परवाह किए बिना कई लोगों की जान बचाई।

उन्होंने कहा, ‘घायल होने के बाद भी उन्होंने इंसानियत और साहस की मिसाल पेश की। इन लोगों ने होटल के अंदर फंसे लोगों को बाहर निकाला… आपकी बहादुरी, आपका जज्बा और आपकी इंसानियत वास्तव में सराहनीय है।’

मालवीय नगर के पूर्व विधायक सोमनाथ भारती ने भी घटना स्थल का दौरा किया और स्थानीय प्रयासों की सराहना की।

भारती ने संवाददाताओं से कहा, ‘स्थानीय लोगों ने जैसे कि इस सज्जन और कई अन्य लोगों ने, सीपीआर दिया। क्या आप इसकी कल्पना कर सकते हैं? मैं हिंदू-मुस्लिम राजनीति करने वालों से कहना चाहूंगा कि जिन मुस्लिमों ने सीपीआर दिया, उन्होंने यह जाने बिना ऐसा किया कि कौन हिंदू था और कौन मुस्लिम।’

उन्होंने कहा, “इसलिए आइए हम इस देश में हिंदू-मुस्लिम राजनीति में न पड़ें; इसके बजाय, हर व्यक्ति को अपना कर्तव्य निभाने दें, जैसा कि इन लोगों ने किया और आइए हम काम की राजनीति पर ध्यान केंद्रित करें।”

भाषा नोमान नोमान माधव

माधव


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