भारत सेवाश्रम संघ ने बंगाल विधानसभा चुनाव में उतरने पर भिक्षु को संगठन से निष्कासित किया

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भारत सेवाश्रम संघ ने बंगाल विधानसभा चुनाव में उतरने पर भिक्षु को संगठन से निष्कासित किया

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  • Publish Date - March 21, 2026 / 01:51 PM IST,
    Updated On - March 21, 2026 / 01:51 PM IST

कोलकाता, 21 मार्च (भाषा) भारत सेवाश्रम संघ (बीएसएस) ने आगामी पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के टिकट पर चुनावी मैदान में उतरने पर भिक्षु को अपने संगठन से निष्कासित कर दिया है।

बीएसएस ने एक बयान जारी कर इसे ‘‘राजनीतिक’’ कदम बताया और कहा कि यह संगठन के सिद्धांतों से एक गंभीर विचलन है।

बीएसएस के एक अधिकारी ने शनिवार को संपर्क करने पर बताया कि संघ की निर्णय लेने वाली शीर्ष समिति की बैठक के बाद जारी आंतरिक परिपत्र के अनुसार भारत सेवाश्रम संघ ने स्वामी ज्योतिर्मयानंद को निष्कासित कर दिया है। स्वामी ज्योतिर्मयानंद को उत्पल महाराज के नाम से भी जाना जाता है।

भाजपा ने उन्हें उत्तर दिनाजपुर जिले के कालियागंज निर्वाचन क्षेत्र से उम्मीदवार बनाया है।

इस परिपत्र में कहा गया है कि चुनाव लड़ने का विकल्प चुनकर भिक्षु ने मठवासी व्यवस्था के सदस्यों से अपेक्षित त्याग और अनुशासन के मार्ग से विचलन किया है।

इसमें यह तर्क दिया गया है कि ‘‘दलीय राजनीति में सक्रिय भागीदारी संघ द्वारा समर्थित आदर्शों के साथ असंगत है।’’

उत्पल महाराज ने शुक्रवार को पत्रकारों को बताया था कि उन्होंने भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ने के लिए सहमत होने से पहले ही बीएसएस मुख्यालय में अपना त्यागपत्र सौंप दिया था और बीएसएस ने केवल उनके इस्तीफे की ‘‘पुष्टि’’ की है।

उन्होंने कहा, ‘‘मुझे बीएसएस के नियमों की स्पष्ट समझ है कि संघ से जुड़ा कोई भिक्षु सक्रिय राजनीति में भाग नहीं ले सकता और बीएसएस द्वारा पत्र जारी करने से पहले ही मैंने अपना इस्तीफा दे दिया था। बस इतना ही है कि संघ के अधिकारियों ने संघ से अलग होने के मेरे निर्णय की पुष्टि कर दी है।’’

कोलकाता स्थित भारत सेवाश्रम संघ की स्थापना एक सामाजिक-धार्मिक और परोपकारी संस्था के रूप में हुई थी। इसने इस बात पर जोर दिया कि सांसारिक मामलों से विरक्ति इसकी विचारधारा का एक मूलभूत आधार है।

भाषा गोला खारी

खारी