राम जन्मभूमि पर भूमि पूजन, प्राण प्रतिष्ठा, धर्म ध्वज फहराना इतिहास के स्वर्णिम क्षण : मुर्मू

राम जन्मभूमि पर भूमि पूजन, प्राण प्रतिष्ठा, धर्म ध्वज फहराना इतिहास के स्वर्णिम क्षण : मुर्मू

राम जन्मभूमि पर भूमि पूजन, प्राण प्रतिष्ठा, धर्म ध्वज फहराना इतिहास के स्वर्णिम क्षण : मुर्मू
Modified Date: March 19, 2026 / 03:07 pm IST
Published Date: March 19, 2026 3:07 pm IST

अयोध्या (उप्र), 19 मार्च (भाषा) राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बृहस्पतिवार को अपनी अयोध्या यात्रा के दौरान भक्तों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि राम जन्मभूमि पर भूमि पूजन, प्राण प्रतिष्ठा, राम दरबार का उद्घाटन और धर्म ध्वज फहराना – ये सभी हमारे इतिहास के स्वर्णिम क्षण हैं।

राष्ट्रपति मुर्मू बृहस्पतिवार को अयोध्या में राम मंदिर में विशेष धार्मिक समारोहों के तहत सोने से जड़ित 150 किलोग्राम का श्री राम यंत्र स्थापित करने के बाद एक सभा को संबोधित कर रही थीं।

उन्होंने कहा, ‘इस पवित्र राम जन्मभूमि पर भूमि पूजन, यहां प्राण प्रतिष्ठा, भक्तों के लिए राम दरबार का उद्घाटन और मंदिर के शीर्ष पर धर्म ध्वज फहराना – ये सभी हमारे इतिहास के स्वर्णिम क्षण हैं।’

उन्होंने अपने संबोधन की शुरुआत ‘‘जय श्री राम’’ से की और अयोध्या को भगवान राम के लिए ‘स्वर्ग से भी अधिक प्रिय’ बताया। उन्होंने कहा कि भगवान श्री राम का जन्म इसी अयोध्या नगरी में हुआ था और यहां की पवित्र भूमि का स्पर्श करना उनके लिए सौभाग्य की बात है।

शास्त्रों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, ‘भगवान श्री राम ने स्वयं अपने जन्म स्थान को स्वर्ग से भी श्रेष्ठ बताया था। रामचरितमानस में भगवान श्रीराम सीता जी से कहते हैं कि यद्यपि सभी ने वैकुंठ का वर्णन किया है, लेकिन मुझे अवधपुरी सबसे अधिक प्रिय लगती है।’

उन्होंने कहा, ”यह अयोध्या नगरी सभी राम भक्तों को सबसे प्रिय है।”

भगवान राम की विरासत के सांस्कृतिक और संवैधानिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए मुर्मू ने कहा, ‘राम-रावण युद्ध जीतने के बाद माता सीता और लक्ष्मण जी के साथ भगवान श्री राम के अयोध्या आगमन का अत्यंत कलात्मक रेखाचित्र हमारे संविधान की मौलिक छवि में सुशोभित है। यह रेखाचित्र मौलिक अधिकारों के अत्यंत महत्वपूर्ण भाग तीन की शुरुआत में दिखाई देता है।’

उन्होंने कहा, ‘मुझे यह जानकर खुशी हुई कि यह पेंटिंग जागरूकता और ज्ञान फैला रही है और जनता को संवैधानिक आदर्शों और पवित्र सांस्कृतिक प्रतीकों से जोड़ रही है।’

राष्ट्रपति ने कहा, ‘मैं भारत और विदेशों में रहने वाले सभी भारतीयों और राम भक्तों को नए साल की हार्दिक शुभकामनाएं देती हूं। रामनवमी पर, नवरात्रि के अंत में, हम सभी भगवान श्री राम की जयंती मनाते हैं। मैं सभी को राम नवमी की अग्रिम शुभकामनाएं देती हूं।’

भाषा चंदन जफर मनीषा अविनाश

अविनाश


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