Big loss to Gautam Adani’s group : वैश्विक अमीरों की सूची में चौथे से सातवें स्थान पर फिसले गौतम अडानी, जाने क्या हुआ अडानी ग्रुप के साथ ऐसा

The reason for this decline is the report released by the American research group Hindenburg Research. In this report, many serious allegations have been made against Gautam Adani.

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  • Publish Date - January 27, 2023 / 02:28 PM IST,
    Updated On - January 27, 2023 / 02:30 PM IST

Big loss to Gautam Adani’s group : एशिया के सबसे अमीर शख्स के तौर पर शुमार मशहूर भारतीय कारोबारी गौतम अडानी के समूह को तगड़ा नुकसान पहुंचा हैं। कम्पनियो के शेयर में आई भारी गिरावट का नुकसान सीधे ग्रुप के मालिक गौतम अडानी को झेलना पड़ा हैं। अब वह ग्लोबल रिच पर्सन की लिस्ट में चौथे से सीधे सातवें स्थान पर आ गए हैं। फ़ोर्ब्स की रियल टाइम्स लिस्ट की मने तो गौतम अडानी के नेटवर्थ में 22.7 बिलियन डॉलर की बड़ी गिरावट सामने आई हैं और यही वजह हैं की वह 95.5 बिलियन डॉलर के नेटवर्थ के साथ सीधे सातवें स्थान पर आ गिरें। दरअसल इस गिरावट की वजह है अमेरिकी रिसर्च ग्रुप हिंडनबर्ग रिसर्च की तरफ से जारी की गई रिपोर्ट। इस रिपोर्ट में गौतम अडानी पर कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं।

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क्या हैं हिंडनबर्ग रिसर्च?

Big loss to Gautam Adani’s group : हिंडनबर्ग रिसर्च एक अमेरिकी निवेश कंपनी है, जिसे Nathan Anderson नाम के एक बिजनेसमैन ने शुरू किया था। इसकी स्थापना 2017 में की गई थी. कंपनी दावा करती है कि वह फॉरेंसिक फाइनेंशियल रिसर्च में एक्सपर्ट है और इसके पास दशकों का अनुभव है। कंपनी की वेबसाइट के अनुसार यह कंपनी असामान्य सूत्रों से मिली जानकारियों के आधार पर शोध करती है, जिसे ढूंढना बेहद मुश्किल होता है। इस कंपनी की शुरुआत करने से पहले वह हैरी मार्कोपोलोस के साथ भी काम चुके हैं, जिन्होंने बर्नी मैडॉफ की पोंजी स्कीम का पर्दाफाश किया था।

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हिंडनबर्ग रिसर्च ने पहले भी कई कंपनियों को लेकर ऐसी रिपोर्ट जारी की हैं। इन रिपोर्ट की वजह से उन कंपनियों के शेयरों में भारी गिरावट भी आई थी। 2020 में इस कंपनी ने अमेरिकी ट्रक निर्माता कंपनी निकोला और सोशल मीडिया कंपनी ट्विटर में भी अपना स्टेक बेचा था। इससे उन दोनों कंपनियों के शेयरों में भारी गिरावट आई थी। निकोला एक इलेक्ट्रिक व्हीकल मैन्युफैक्चरिंग कंपनी थी, जिसने निवेशकों को अपने नए व्हीकल्स के बारे में बताते हुए ठगा था, जबकि हकीकत में उसके पास गाड़ियां थीं ही नहीं। 2016 से लेकर अब तक हिंडनबर्ग रिसर्च ऐसी दर्जनों रिपोर्ट जारी कर चुका है, जिसमें उसने किसी न किसी तरह का खुलासा किया है, जिससे कई कंपनियों के शेयर बुरी तरह टूटे हैं।

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